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कार्यकारिणी की पुनरीक्षित बजट की बैठक में पार्षदों का जमकर हंगामा

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वाराणसी। नगर निगम कार्यकारिणी की पुनरीक्षित बजट की बैठक में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। कार्यकारिणी सदस्यों ने नगर आयुक्त पर संवादहीनता का आरोप लगाया। तीखी बहस के बाद नगर आयुक्त ने पार्षदों से यहां तक कहा कि आप लोग मेरे खिलाफ शासन में लिखित शिकायत भेज दीजिए।
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कार्यकारिणी सभागार में वर्ष 2020-21 की पुनरीक्षित बजट पर चर्चा होनी थी। इसको लेकर सभी दलों के 12 कार्यकारिणी सदस्यों ने हिस्सा लिया। महापौर मृदुला जायसवाल की अध्यक्षता में जैसे ही आय पर चर्चा शुरू हुई तो कुछ देर बाद ही सपा के कार्यकारिणी सदस्य मनोज यादव, भैयालाल व निर्दल पार्षद बबलू शाह शहर की समस्या को लेकर नगर आयुक्त पर हमलावर हो गए। तीनों पार्षदों ने नगर आयुक्त पर संवादहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि शहर की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन आपका फोन नहीं उठने से समस्याएं और जटिल होती जा रही हैं। न तो आपका फोन उठता है और न ही आप पार्षदों से मिलते हैं।
नगर आयुक्त ने पार्षदों की बातों को खारिज करते हुए कहा कि मेरे जिम्मे और भी शासन, प्रशासन से जुड़े काम होते हैं। मैंने कई अफसरों को आप लोगों की समस्याओं को हल करने में लगा रखा है। इस पर बाकी दलों के पार्षद भी हमलावर हो गए। कांग्रेस पार्षद सीताराम केशरी ने कहा कि आपने अपने अधीनस्थों को वैधानिक व वित्तीय अधिकार नहीं दिया है, जिससे जहां-तहां काम अटके पड़े हैं। उन्होंने नगर आयुक्त से कहा कि, आपके कैंप कार्यालय पर सैकड़ों फाइलें धूल फांक रही हैं। भुगतान नहीं होने से काम रूक गए हैं। बाद में नगर आयुक्त ने यह जानना चाहा कि आखिरकार कौन कहता है कि मेरे कैंप कार्यालय पर फाइलें हस्ताक्षर के चलते रूकी हैं। इस पर भाजपा समेत अन्य दलों के पार्षदों ने कहा कि जिसको आपने नामित कर रखा है, वहीं यह बात बताते हैं।
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बैठक में इनकी रही मौजूदगी
मेयर मृदुला जायसवाल, उप सभापति नरसिंह दास, अपर नगर आयुक्त देवीदयाल वर्मा, कार्यकारिणी सदस्य शिवप्रकाश मौर्या, सुशील गुप्ता योगी, डा.रविंद्र सिंह, विजयश्री मौर्या, राजेश केशरी, सीताराम केशरी, मनोज यादव, बबलू शाह, रियाजुद्दीन, भैयालाल यादव, हाजी ओकास अंसारी।
केवल आय पर चर्चा, बजट पर आज लगेगी मुहर
सदन के 12 कार्यकारिणी सदस्यों ने पुनरीक्षित बजट पर चर्चा की। नगर निगम का पुनरीक्षित बजट 67228.25 लाख व जलकल का 15736.46 लाख का बजट रखा गया है। कुछ संशोधनों के साथ नगर निगम के आय की चर्चा मंगलवार को पूरी हो गई। पार्षदों ने कहा कि पिछले साल आय बढ़ाने के कुछ सुझाव दिए गए थे, जिस पर लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी ने कहा कि उन सभी सुझावों को शामिल करते हुए ही बजट का प्रारूप तैयार किया गया है। व्यय पर चर्चा बुधवार को होगी।
करों से आय में की गई बढ़ोत्तरी का खाका तैयार
इस बार करों से आय में बढ़ोतरी का खाका तैयार करते हुए 6605 लाख रुपये रखा गया है। वहीं कर्तव्यों के अधीन कर से 3510 लाख, नगरीय संपत्तियों के किराये से आय 160 लाख रखी गई है। इस साल 15वें वित्त आयोग से नगर निगम के खाते में 146 करोड़ रुपये जुड़े हैं, जिससे नगर निगम की पूंजीगत आय में करीब 83 करोड़ की बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार की सुबह 11 बजे फिर से चर्चा होगी।
सभी पार्षद बैठक में एकमत दिखे
हंगामा व बहस के दौरान सपा, भाजपा, कांग्रेस व निर्दलीय समेत सभी दलों के पार्षद एकमत दिखे। सभी ने एक स्वर में कहा कि अधिकारियों की मनमानी से जनता को संसाधनों का लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे दिनोंदिन लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है। पार्षदों ने कहा कि संवादहीनता का ही नतीजा है कि कांग्रेस के पार्षद चार दिनों से धरने पर बैठे हैं।
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