परिषदीय विद्यालयों में अब कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को भी संस्कृत से परिचित कराया जाएगा। बच्चों को अभी से संस्कृत के सामान्य शब्दों और बोलचाल की जानकारी दी जाएगी, ताकि कक्षा तीन में विषय के रूप में संस्कृत शुरू होने पर उन्हें भाषा समझने में परेशानी न हो। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) स्तर से मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है। सत्र 2027-28 से इसे लागू किया जाएगा।
बेसिक शिक्षाधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कक्षा तीन से संस्कृत को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाता है। शुरुआती स्तर पर ही भाषा से परिचय नहीं होने के कारण कई बच्चों को संस्कृत के शब्द, वाक्य और पाठ समझने में कठिनाई होती है। इसे देखते हुए सत्र 2027-28 से कक्षा एक और दो में संस्कृत का आधार तैयार करने की योजना पर काम हो रहा है। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को संस्कृत लिखने-पढ़ने के बजाय शुरुआत में मौखिक रूप से भाषा से परिचित कराया जाएगा। उन्हें संस्कृत में गिनती, फल, सब्जियों और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के नाम सहित सामान्य शब्दों की जानकारी दी जाएगी।