अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना शुभम जायसवाल।
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अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्कर और 50 हजार के इनामी शुभम जायसवाल के साथ चौक के भरोसेमंद तीन कारोबारी भी दुबई में छिपे हैं। लखनऊ एसटीएफ, ईडी और नारकोटिक्स, कमिश्नरेट पुलिस की एसआईटी सभी को तलाश रही है।
कोर्ट से भगोड़ा घोषित शुभम जायसवाल, वरुण सिंह और गौरव जायसवाल के साथ मैदागिन के गोलघर के रहने वाले मिलिंद यादव ने भी दुबई में डेरा डाल रखा है। लखनऊ एसटीएफ की प्राथमिकी में वांछित मिलिंद यादव ने शुभम के साथ मिलकर ब्लैक मनी को व्हाइट में बदला है। होटल और रियल एस्टेट में निवेश किया। मिलिंद के कुछ करीबियों को भी एसटीएफ ने रडार पर लिया है।
सूचना है कि तीनों दुबई में फरारी काट रहे हैं। सिंडिकेट से जुड़े एक कारोबारी के तारांकित होटल में शरण ले रखा है। कफ सिरप में नाम सामने आने के बाद वरुण सिंह, गौरव और मिलिंद भूमिगत हो गए। मंडुवाडीह के मड़ौली का प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू को भी कोतवाली की एसआईटी गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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एसटीएफ लखनऊ पिछले दिनों मिलिंद यादव की गिरफ्तारी के लिए वाराणसी पहुंची थी। परिजनों से भी कोतवाली पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन राज उगलवा नहीं पाई है। जानकारों के मुताबिक, मिलिंद और प्रशांत कोर्ट में अग्रिम जमानत की प्रक्रिया में जुटे हैं।
आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रहलाद घाट कायस्थ टोला निवासी शुभम जायसवाल ने रांची में शैली ट्रेडर्स फर्म के जरिये 2000 करोड़ से अधिक की कफ सिरप की तस्करी की है। पिता भोला जायसवाल सोनभद्र जेल में बंद हैं। अन्य 30 जिला जेल में बंद हैं।