एसआईटी के मुताबिक, शुभम के करीबी भदोही निवासी नितेश उर्फ रवि गुप्ता ने जनवरी 2024 में वाराणसी के प्रह्लाद घाट निवासी ममेरे भाई सत्यम और विजय के नाम पर सोनभद्र में मां कृपा और शिविक्षा फर्म का ड्रग लाइसेंस लिया था। उसका पता बरकरा तालाब, रॉबर्ट्सगंज दिखाते हुए 15 महीने में दोनों फर्मों के जरिये सरगना शुभम और उसके पिता भोला की रांची स्थित फर्म शैली ट्रेडर्स से कागजों पर छह-छह करोड़ का सिरप खरीदा था।
मां कामाख्या एयर कार्गो ट्रांसपोर्ट का बिल लगाकर खरीद दिखाई गई और भदोही स्थित आयुष इंटरप्राइजेज, सनाया मेडिकल और दिलीप मेडिकल के नाम पर कागजी ढुलाई कराई गई थी। इसकी भनक किसी को न लगे इसके लिए शैली ट्रेडर्स के इंडियन बैंक स्थित शाखा में दोनों फर्मों के नाम से छह-छह करोड़ रुपये जमा कराए गए। जिन ममेरे भाइयों के नाम से दवा फर्म खुलवाई गई थी उन्हें तस्करी के इस खेल में साथ देने के लिए प्रति कफ सिरप की प्रति शीशी के हिसाब से एक-एक रुपये कमीशन दिए गए।
फर्जी फर्म बनाकर कफ सिरप की कागजी आपूर्ति और तस्करी के मामले में शुभम सहित तीन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करा दी गई है। शुभम के पिता और रवि सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। जल्द ही एक और चार्जशीट दाखिल की जाएगी। - अभिषेक वर्मा, एसपी।