फर्म के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल और उसके बेटे शुभम जायसवाल ने कूटरचित दस्तावेज के आधार पर फर्जी फर्म का पंजीकरण कराया और बड़ी मात्रा में कफ सिरप की खरीद-बिक्री की। इसका इस्तेमाल नशे के रूप में किया गया। जांच में भोला और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से 32 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पाई गई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे सोनभद्र जेल में रखा है।
दूसरी तरफ, विवेचक ने अदालत में अर्जी देकर आरोपी को सोनभद्र जेल से वारंट बी से तलब करने की गुहार लगाई गई थी। इसके बाद आरोपी को सोनभद्र जेल से शुक्रवार को वाराणसी लाया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली के अवलोकन के बाद भोला को जेल भेज दिया।
अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना शुभम जायसवाल।
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इन आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
शैली ट्रेडर्स के कर्ता धर्ता मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत छह आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। 15 नवंबर कोतवाली थाने में दर्ज प्राथमिकी के तहत प्रहलाद घाट निवासी शुभम जायसवाल, खोजवा बाजार भेलूपुर निवासी दिवेश जायसवाल उर्फ सानू, जौनपुर के वाजिदपुर निवासी विकास सिंह, मैदागिन गोलघर निवासी आकाश पाठक, कोतवाली थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी राहुल यादव, सोनिया निवासी अमित जायसवाल वांछित है। घटना के बाद से ही फरार चल रहे है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। शुभम पर 75 हजार का इनाम भी है।
50 हजार इनामी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का कोर्ट में सरेंडर
कफ सिरप के अवैध भंडारण समेत अन्य आरोपों में वांछित 50 हजार इनामी प्रधान प्रतिनिधि और गोदाम मालिक महेश सिंह ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस को भनक तक नहीं लग सकी। कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में लेकर आरोपी महेश को जेल भेज दिया।
रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवर काशीपुर निवासी महेश सिंह और सिंडिकेट के सरगना शुभम जायसवाल के साथ कफ तस्करी में शामिल रहा है। 19 नवंबर को रोहनिया के भदवर में जिम के नीचे गोदाम से पुलिस ने दो करोड़ की 93 हजार से ज्यादा शीशी कफ सिरप की बरामद हुई थी।
केयर टेकर आजाद जायसवाल को गिरफ्तार किया गया था। गोदाम मालिक महेश सिंह उस समय भाग निकला था। इस मामले में रोहनिया पुलिस ने महेश सिंह, शुभम जायसवाल, आजाद जायसवाल समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इस बीच कमिश्नरेट पुलिस ने महेश सिंह पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था।