लॉकडाउन से पहले मैदागिन पर सामान्य रूप से मेडिकल स्टोर का संचालन करने वाले शुभम जायसवाल को कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार की राह खाद्य एवं सुरक्षा औषधि प्रशासन वाराणसी के पूर्व सहायक आयुक्त ने दिखाई थी। मेरठ के सरधना निवासी कफ सिरप के मास्टरमाइंड आसिफ और वसीम से पूर्व सहायक आयुक्त ने ही लखनऊ में शुभम की मीटिंग कराई थी। शुभम के जरिये कफ सिरप की खेप उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, कोलकाता होते हुए बांग्लादेश और नेपाल तक पहुंचाई गई।
पूर्वांचल के एक बाहुबली के कृपा पात्र सहायक आयुक्त के खिलाफ भी लखनऊ मुख्यालय से गोपनीय जांच शुरू हुई है। मेरठ के रहने वाले सहायक आयुक्त ने लखनऊ और वाराणसी में महंगी जमीन और फ्लैट तक बुक कराए हैं।
मेरठ के आसिफ, वसीम और शुभम के खिलाफ गाजियाबाद के नंदग्राम थाने में प्राथमिकी दर्ज है। शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद और उसके बेटे शुभम जायसवाल को पूरब से पश्चिम तक पुलिस ढूंढ रही है। गाजियाबाद, वाराणसी, जौनपुर, सोनभद्र समेत अन्य जिलों में कफ सिरप मामले में प्राथमिकी दर्ज है। खाद्य एवं सुरक्षा औषधि प्रशासन लखनऊ के एक अधिकारी ने बताया कि शुभम जायसवाल की फर्म और उसके साथ जुड़कर कारोबार करने वालों की फर्मों के रजिस्ट्रेशन का सत्यापन कराया जा रहा है। पूर्व में तैनात अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
हो रही गोपनीय जांच
पूर्वांचल के एक बाहुबली के प्रभाव के कारण सहायक आयुक्त पर कोई कार्रवाई पूर्व में कभी नहीं हो सकी। शुभम जायसवाल के इशारे पर सहायक आयुक्त को सेफजोन में रखा गया। इसकी भी गोपनीय जांच कराई जा रही है। मेरठ के आसिफ और वसीम लंबे समय से कफ सिरप से जुड़े रहे। क्षेत्रवासी होने के कारण सहायक आयुक्त ने इस अवसर को खूब भुनाया।
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वरुणा पार के रहने वाले ने बाहुबली से कराई थी शुभम की मुलाकात
जौनपुर के मूल निवासी और वरुणा पार क्षेत्र में ठिकाना बनाए युवक ने शुभम जायसवाल की मुलाकात पूर्वांचल के एक बाहुबली से कराई थी। कारोबार का एक चौथाई हिस्सा बाहुबली को शेयर करने के नाम पर सहमति बनी। शुभम जायसवाल के पीछे बाहुबली के विरोधी भी लगे हुए हैं।
एसआईटी ने सप्तसागर दवा मंडी में की जांच, खंगाले रिकॉर्ड
कमिश्नरेट में गठित एसआईटी ने बुधवार की शाम मेडिकल फर्मों की जांच की। निरीक्षण के दौरान दवा मंडी के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस, बिलिंग प्रणाली, दवाओं के भंडारण व प्रतिबंधित दवाओं की उपलब्धता आदि की जांच की गई। दवा विक्रेताओं को उचित रिकॉर्ड संधारण, वैध लाइसेंस प्रदर्शित करने व सभी गतिविधियों को नियमों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए गए। एसआईटी ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध नशीली दवाओं की विक्री या बिना बिल के लेन-देन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण में एसआईटी के अध्यक्ष और काशी जोन के एडीसीपी सरवणन टी., एसीपी कोतवाली शुभम कुमार सिंह, कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह आदि रहे। एडीसीपी काशी जोन ने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में दवा विक्रय को पारदर्शी व सुरक्षित बनाना है।