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कफ सिरप: भोला जायसवाल की संपत्ति कुर्की पर 11 फरवरी को फैसला, अधिवक्ता ने जताई आपत्ति; दी ये दलील

Tue, 10 Feb 2026 06:35 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल के पांच सहयोगियों को एसआईटी ने मिर्जापुर से गिरफ्तार किया है। वहीं, उसके पिता भोला की संपत्ति कुर्क करने को लेकर अब कोर्ट में 11 फरवरी को फैसला होगा।
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शुभम जायसवाल का पिता भोला प्रसाद जायसवाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कफ सिरप तस्करी मामले में आरोपी भोला जायसवाल और उसके परिजनों की संपत्ति कुर्क किए जाने को लेकर सोमवार को अपर जिला जज (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने इस प्रकरण में आदेश के लिए 11 फरवरी की तिथि नियत कर दी है।

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आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने पुलिस की अर्जी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसमें उच्चाधिकारी की संस्तुति नहीं है। उन्होंने दलील दी कि आरोपी पर लगाए गए आरोप स्पेशल एक्ट के तहत हैं, जिस पर बीएनएसएस के प्रावधान लागू नहीं होते। 

उन्होंने यह भी कहा कि एक ही संपत्ति को बार-बार कुर्क नहीं किया जा सकता और परिजनों की संपत्ति कुर्क करना कानून के विरुद्ध है। सभी संपत्तियां वैध रूप से अर्जित हैं, जिनके आयकर से जुड़े दस्तावेज भी मौजूद हैं। इसलिए पुलिस की अर्जी खारिज की जानी चाहिए।
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वहीं, अभियोजन की ओर से विशेष अभियोजक अधिकारी ने पुलिस की अर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि यह अर्जी सक्षम अधिकारी की संस्तुति के बाद ही दाखिल की गई है। उन्होंने तर्क दिया कि अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को कुर्क करने का अधिकार पुलिस के पास है और आरोपी के खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों के आधार पर संपत्ति अटैच की जा सकती है। जरूरी नहीं कि केवल स्पेशल एक्ट के तहत ही कुर्की की जाए।

पांच आरोपियों को 1050 किमी तक किया ट्रैक
कमिश्नरेट की एसआईटी ने कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पांच खास सहयोगियों दिवेश जायसवाल, अमित जायसवाल, अंकुश सिंह, घनश्याम और अभिनव कुमार यादव को रविवार की सुबह भोरसर लिंक रोड मिर्जापुर से गिरफ्तार कर लिया। 15 नवंबर 2025 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एसआईटी 86 दिन से आरोपियों के पीछे लगी थी।
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ऐसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
दिवेश और अमित को वाराणसी से 1050 किलोमीटर दूर हिमाचल प्रदेश से ट्रैक किया था। कुछ दिन बाद आरोपियों की लोकेशन 240 किमी दूर मध्य प्रदेश में मिली। जब तक गिरफ्तारी के लिए टीम मध्य प्रदेश पहुंचती तब तक आरोपियों ने ठिकाना बदल लिया था। इस बीच मिर्जापुर के भोरसर लिंक रोड के पास सटीक लोकेशन मिली और दबिश देकर पांचों आरोपियों को दबोच लिया गया। वाराणसी से भोरसर लिंक रोड की दूरी 67 किलोमीटर है।
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