फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cough Syrup Case: एसआईटी के रडार पर 2500 मोबाइल नंबर, 40 युवकों ने छोड़ा बनारस; जांच में कई अहम खुलासे

Mon, 02 Feb 2026 01:14 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Cough Syrup Case: कफ सिरप मामले में एसआईटी की जांच में परत-दर-परत नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में एसआईटी ने कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के संपर्क में रहने वालों की सूची तैयार की है।
विज्ञापन
शुभम जायसवाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोडीन युक्त कफ सिरप के मामले में शैली ट्रेडर्स के साथ जुड़कर खरीद ब्रिकी करने वालों की सूची बहुत लंबी है। कमिश्नरेट की एसआईटी ने 2500 मोबाइल नंबर को रडार पर लिया है। पक्के महाल, मैदागिन, सप्तसागर दवा मंडी समेत आसपास के क्षेत्रों के 40 युवकों ने बनारस छोड़ दिया है। एसआईटी उनकी लोकेशन ट्रेस करवा रही है। हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के कुछ पुराने छात्र नेता भी इसमें शामिल हैं।

विज्ञापन


एसआईटी ने तैयार की सूची
शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल और उसके 75 हजार इनामी बेटे शुभम जायसवाल के संपर्क में रहने वालों की सूची एसआईटी ने तैयार की है। कमिश्नरेट की गठित एसआईटी की परत दर परत जांच में औसानगंज के रहने वाले पिता-पुत्र समेत उसके रिश्तेदारों की कफ सिरप की खरीद बिक्री में संलिप्तता उजागर हुई है। सबसे अधिक पक्के महाल के नव युवकों को कफ सिरप की तस्करी में शामिल किया गया। तीन साल के अंदर युवकों ने होटल, गेस्ट हाउस और प्रॉपर्टी डीलर के व्यवसाय में अच्छा निवेश किया है। कोतवाली में कुछ युवकों से पूछताछ भी हुई है।

इसे भी पढ़ें; कफ सिरप: पूर्णा फार्मा की संचालिका के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी, जब्त होगा पासपोर्ट; पांच अन्य पर होगी कार्रवाई

विज्ञापन
विज्ञापन

इन आरोपियों के खिलाफ जारी है गैर जमानती वारंट

सिगरा थाना क्षेत्र के बादशाहबाग कॉलोनी निवासी मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, खोजवा के दिवेश जायसवाल, सोनिया के अमित जायसवाल के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी है। शुभम के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस भी कमिश्नरेट पुलिस ने जारी कर रखा है। 

अधिकारियों के अनुसार, कफ सिरप के मामले में आरोपियों की संपत्ति जब्त हुई है। शुभम, भोला के करीबियों की संपत्तियों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। तीन साल के अंदर कितनी अधिक संपत्तियां बनी हैं। यह संपत्तियां कैसे और कितनी बनाई गई है। आय के स्रोत भी मांगे जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें