बीएचयू के जियोलॉजी विभाग में शिक्षक भर्ती में धांधली का मामला सामने आया है। अभ्यर्थियों ने पहले इसकी शिकायत विभागाध्यक्ष, कुलपति समेत अन्य अधिकारियों से की थी। बाद में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आरटीआई का सहारा लिया था।
आरटीआई से मिले जवाब से पता चलता है कि इसमें दो जगह पर आवेदन करने वाले एक दर्जन से अधिक आवेदक ऐसे हैं, जिन्हें योग्यता के आधार पर एक जगह कमेटी में क्वालीफाई नहीं दिखाया है लेकिन दूसरी जगह उसी अभ्यर्थी को क्वालीफाई बताया गया है।
अब शिकायतकर्ताओं ने स्क्रीनिंग समिति की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए कार्रवाई की मांग की है। पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर प्रोफेसर पदों पर नियुक्तियां हुई थीं।
अब इन नियुक्तियों पर सवाल उठने लगे हैं। ताजा मामला विज्ञान संस्थान के जियोलॉजी विभाग का है। यहां 15 पदों पर हुई नियुक्तियों के मामले में अभ्यर्थियों ने शार्ट लिस्टिंग पर सवाल खड़ा करते हुए सात सितंबर को विभाग के गेट पर धरना-प्रदर्शन कर अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई थी।
कोई कार्रवाई नहीं होने पर डॉ. प्रमोद कुमार रजक और विनीत कुमार श्रीवास्तव ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी।
एक जगह फेल दूसरी जगह पास
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
एक नवंबर, 2017 को आरटीआई से मिली जानकारी में शार्ट लिस्टिंग में धांधली की पोल खुल गई है। जवाब आने के बाद विज्ञान संस्थान के निदेशक, कुलसचिव और कुलपति को 8 दिसंबर 2017 को लिखे पत्र में दोनों अभ्यर्थियों ने कहा है कि नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी की गई है।
कई ऐसे आवेदक है, जिनको महिला महाविद्यालय में शैक्षिक योग्यता के आधार पर अयोग्य बताया गया है, उन्हें विभाग की समिति ने योग्य मान लिया है। इस तरह के कई प्रमाण आरटीआई में मिले हैं।
अभ्यर्थियों ने इस मामले में पीएमओ और मानव संसाधन मंत्रालय को भी पत्र लिखा है। मामले में जियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरके श्रीवास्तव ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी तरह के आरोप आधारहीन हैं।
शार्ट लिस्टिंग सहित आवेदकों के आवेदन पत्रों की जांच की पूरी कार्यवाही नियमानुसार हुई है। मामले में अधिकारियों की ओर से जो भी जवाब मांगा जाएगा, दिया जाएगा।