नगर निगम ने अवैध नावों का संचालन गंगा से पूरी तरह से हटाने की तैयारी की है। इसमें जल पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। नए सिरे से नावों पर सुरक्षा से जुड़े सारे उपकरण रखे जाएंगे। नावों पर एक स्तर तक चमकीला पेंट लगाया जाएगा। ताकि नाव की क्षमता का पता चल सके। दूर से ही ओवरलोडिंग नावों पर नजर रखी जा सकेगी।
नगर निगम में पंजीकृत नावों की संख्या 998 है। इनमें से 583 नावें सीएनजी में बदल चुकीं हैं। इनके अलावा छोटी हाथ से चलाने वाली नावें हैं। 45 नई नावों का पंजीकरण हुआ है। इनके अलावा गंगा में तकरीबन दो से तीन सौ अवैध नावों का संचालन हो रहा है। जिन्हें हटवाने की कवायद शुरू हो गई है। मांझी समाज भी अवैध नावों के संचालन का विरोध करता है। इसे लेकर कई बार बैठकें हुईं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
अपर नगर आयुक्त राजीव कुमार राय ने बताया कि नावों के पंजीकरण का सत्यापन कराया जा रहा है। बगैर लाइसेंस वाली नावें गंगा में नहीं चलेंगी। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही नगर निगम की ओर से अभियान चलाया जाएगा।