कोरोना के मरीजों की संख्या में दिनों दिन वृद्धि हो रही है। इसके बावजूद भी लागों अपने और दूसरों के जीवन से खिलवाड़ करने पर उतारू हैं। प्रशासन के चेतावनी के बावजूद भी गुरुवार को शहर के विशेश्वरगंज में लोग बिना मास्क के दिखे। लोगों का मानना है कि कोरोना के टीके का दोनों डोज लेने वाले व्यक्ति में फिर से कोरोना नहीं होगा।
इस तरह की गलतफहमियां लोगों के लिए भारी पड़ सकती है। जबकि कुछ लोगों का कहना था कि सभी को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि अब बच्चों में भी कोरोना का लक्षण मिलने लगे हैं। प्रशासन को कोरोना के नियमों को लागू कराने में फिर से सख्ती लानी पड़ेगी ताकि लोग संक्रमित होने एवं लापरवाही करने से बचें।
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कोरोना का संक्रमण एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। इसके रोकथाम के लिए परिवारों में जागरूकता दिखने लगी है। घरों पर लोग एहतियात बरतने लगे हैं। लोगों ने कहा जब तक हम जागरूक नहीं होंगे, तब तक संक्रमण को हराना मुश्किल है। इसलिए घर से शुरूआत होनी चाहिए। बाहर जाने वाले सदस्यों को गाइडलाइन के पालन करने और सैनिटाइजर तथा मास्क के प्रयोग के लिए टोकना चाहिए।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में चलने वाली नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी को वापस सर सुंदरलाल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही एसएसबी में वार्ड, डायलिसिस आदि सुविधाओं को भी स्थानांतरित कर दिया गया है।
बृहस्पतिवार को चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता ने बीएचयू अस्पताल के साथ ही शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का दौराकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों, नर्सिंग ऑफिसरों, वार्ड सहायकों, एवं सफाई कर्मचारियों को सरकार द्वारा जारी किए गए कोविड संबंधित दिशा निर्देशों का पालन करने को कहा।