संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग आवश्यक है, लेकिन इस कार्य में जांच के लिए प्रयोग होने वाली वीटीएम बाधक बन रही है। अभी तक जनपद में शासन की ओर से लगभग 1000 वीटीएम की आपूर्ति की गई है। इसमें लगभग 700 जिला स्वास्थ्य विभाग को, 150 मंडली जिला अस्पताल को, 150 राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर को दी गई है। इसमें पूरे जिले में अब तक लगभग 800 लोगों की सैंपलिंग की कार्यवाही की जा चुकी है।
लगभग 200 वीटीएम जिले में शेष हैं। जिसमें कुछ स्वास्थ्य विभाग के पास, कुछ मेडिकल कॉलेज के पास और कुछ मंडलीय जिला अस्पताल के पास बची हुई है। वीटीएम की संख्या कम होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग की कार्यवाही भी धीमी कर दी गई है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से जितनी डिमांड शासन से की जा रही है उसके मुकाबले 30 से 35 फीसदी ही विटीएम की आपूर्ति हो रही है। इस कारण से है सैंपलिंग की कार्यवाही धीमी कर दी गई है। सीएमओ डॉक्टर एके मिश्रा ने बताया कि विटीएम की कुछ कमी है। इसके लिए शासन से डिमांड की गई है। जल्दी ही आपूर्ति कर दी जाएगी।