निर्देश के बाद सैंपलों को जांच के लिए गोरखपुर भेजा भी जाने लगा। एक-दो दिन तो सब ठीक चला, लेकिन अगले ही दिन गोरखपुर लैब की ओर से आजमगढ़ मंडल के जनपदों को पत्र लिख कर दे दिया गया कि हमारे पास पहले से ज्यादा लोड है। एक सप्ताह का बैकलॉग पहले से एकत्र है।
यानी नए सैंपल पर रोक लगाई है, वरना जांच संभव नहीं है। सैंपल ज्यादा दिन रखने से खराब भी हो जाएंगे। लैब से ये निर्देश मिलने के बाद स्वस्थ्य विभाग के माथे पर बल पड़ गए हैं। अब उसकी नजर बंद पड़ी वाराणसी लैब और भविष्य में शुरू होने वाले आजमगढ़ के राजकीय मेडिकल कालेज के लैब पर टिकी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उक्त लैबों के शुरू होने पर ही जांच की प्रक्रिया पटरी पर लौटेगी।
कम की गई सैंपलों की संख्या
गोरखपुर लैब से ये जानकारी मिलने के बाद जनपद में सैंपलों की संख्या कम कर दी गई है। रविवार से पहले जहां 40 से 50 की संख्या में सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे थे। वहीं रविवार को मात्र आठ सैंपल ही जांच के लिए भेजे गए। सोमवार को तो ये संख्या दो पर पहुंचा दी गई। सैंपलों की संख्या ऐसे ही कम होती रही तो कोरोना संक्रमण की स्थिति के आंकलन में परेशानी खड़ी हो सकती है।
रिपोर्ट आने में भी हो रही देर
जनपद से अभी तक 1196 सैंपलों के जांच के लिए भेजा गया था। इसमें 1085 सैंपलों की रिपोर्ट आई है। इसमें आठ पीजीटिव और 1077 निगेटिव आए हैं। अभी 111 सैंपलों की रिपोर्ट आनी है। इसमें 30 वाराणसी लैब में और 81 गोरखपुर लैब में फंसी है। इसमें चार सक्रिय कोरोना पाजीटिव मरीजों के तीसरे सैंपल की रिपोर्ट भी शामिल हैं।
लगातार आ रहे हैं बाहर से प्रवासी
आजमगढ़। सैंपलों की जांच प्रबावित होने के बीच लगातर अन्य प्रदेशों से बाहर के लोगों को आना जारी है। रोजाना 200 से 250 की संख्या में बाहर से लोग आ रहे हैं। ऐसे में इनकी पर्याप्त संख्या में जांच न होना कभी भी भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग भी इसे समझ रहा है।
सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि गोरखपुर लैब से से जानकारी मिली है। इसके बाद भी कुछ न कुछ सैंपलिंग की जा रही है। बाहर से आने वालों में संदिग्ध लोगों का सैंपल लिया जा रहा है। वाराणसी लैब भी कब शुरू होगी अभी इसे बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है।