राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर पर गुरुवार को जांच के लिए काफी संख्या में प्रवासी श्रमिक पहुंचे थे। इसमें दो श्रमिकों को संदिग्ध पाया गया था और दोनों को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया था। दोनों की स्थिति गंभीर थी। एक जहानागंज के नेतपुर तो दूसरा सुंभी गांव का निवासी था। दोनों बुधवार को मुंबई से वापस लौटे थे। खांसी, बुखार के साथ ही सांस लेने में दिक्कत थी। उन्हें आक्सीजन पर रखा गया था, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। शासन की गाइड लाइन के अनुसार उन्हें केजीएमसी लखनऊ रेफर किया गया।
लखनऊ में जहानागंज थाना क्षेत्र के नेतपुर गांव के रहने वाले 35 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। वहीं दूसरे संदिग्ध का अभी वहीं इलाज चल रहा है और उसकी भी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इसके बाद शाम चार बजे उसका शव जिला अस्पताल पहुंचा। रात आठ बजे मेडिकल कॉलेज की टीम ने शव को तीन लेयर में प्रीजर्व किया। इसके बाद दो कर्मचारी और मृतक का चचेरा भाई पीपीई किट में रात नौ बजे शव लेकर दाह संस्कार के लिए राजघाट पहुंचा था।
रात 10 बजे कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार शवदाह किया गया। इसके बाद शवदाह स्थल को सैनिटाइज कराया गया। परिजनों को घर पर होम क्वारंटीन कर दिया था। शुक्रवार देर रात मृतक की जांच रिपोर्ट भी प्राप्त हो गई। वो कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।
क्लोज कांटैक्ट की जानकारी में जुटा महकमा
कोरोना पीड़ित की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अब मृतक के क्लोज कांटैक्ट व ट्रैवल हिस्ट्री को जुटाने में जुट गया है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह कब मुंबई से चला और कैसे यहां तक पहुंचा। इस दौरान उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग आए। फिलहाल बताया जा रहा है कि वह 13 मई की रात को गांव पहुंचा और 14 को मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए गया था। उनके क्लोज कांटैक्ट में पत्नी, पुत्र-पुत्री, मां आदि बताए जा रहे हैं। इनको फैसिलिटी क्वारंटीन करने और सैंपलिंग की तैयारी की जा रही है।