वाराणसी। कोरोना वायरस के डर के कारण काशी में पर्यटकों का आवागमन जीरो हो चुका है। विदेशी पर्यटकों से लेकर देशी पर्यटक तक का आवागमन एकदम नहीं है। पहले से शहर में आए कुछ देशी टूरिस्टों को अब लौटते हुए देखा जा रहा है। 98 फीसदी तक होटल खाली हो चुके हैं। कुछ छोटे-बड़े होटलों में रूम टैरिफ बिल्कुल आधा हो गया है। पहले जहां थ्री व फोर स्टार होटलों में रूम टैरिफ 7 से 10 हजार हुआ करता था तो इस समय में 3 से 4 हजार तक है। हालांकि किराया घटाने का भी कोई फायदा नहीं हो रहा। काशी में गंगा आरती पर रोक, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में दर्शन पर रोक, सारनाथ और रामनगर किला सहित अन्य पर्यटक स्थलों पर रोक को देखते हुए पर्यटकों ने अपनी सारी बुकिंग निरस्त करा दी है।
शहर में लगभग 200 बडे़ और करीब 600 छोटे होटल हैं। गेस्ट हाउस और लाज भी 500 से अधिक है। होली से ही होटल और गेस्ट हाउस खाली चल रहे हैं। 15 अप्रैल तक एराइवल वीजा पर रोक लगाए जाने और खाड़ी देशों से पर्यटकों के भारत आगमन पर रोक के चलते सबसे ज्यादा प्रभावित पर्यटन उद्योग हैं। होटल एसोसिएशन के अनुसार पिछले एक सप्ताह से कुछ होटल बंद हो गए और कर्मचारियों को छुट्टी दे दी गई। जल्द ही अन्य होटलों में ताला लटकने वाला है।