मिर्जापुर जिले के जमालपुर इलाके की कोरोना की संदिग्ध मरीज वृद्ध महिला की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही मंगलवार दोपहर मंडलीय अस्पताल के क्वारंटीन कक्ष में मौत हो गई। महिला का क्षेत्र के कोरोना पॉजिटिव झोलाछाप ने उपचार किया था।
जनपद में दो जमाती कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें जमालपुर क्षेत्र निवासी एक झोलाछाप भी है। वह 19 मार्च को निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने के बाद 22 मार्च को घर आया था। इसके बाद उसने जमालपुर और चकिया, चंदौली के 34 लोगों का इलाज किया था।
झोलाछाप से इलाके की एक वृद्ध महिला (70) ने भी इलाज कराया था। पांच अप्रैल की सुबह सर्दी-जुकाम के चलते वृद्धा की तबीयत खराब हुई तो परिजन उसे चकिया, चंदौली ले गए। इसी बीच किसी ने ट्वीट कर सीएम से शिकायत कर दी कि कोरोना पॉजिटिव झोलाछाप से इलाज कराने वाली वृद्धा के इलाज में लापरवाही की जा रही है।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम वृद्धा और उसके परिवार के दो सदस्यों को रविवार की देर रात मंडलीय अस्पताल के निर्माणाधीन ट्रामा सेंटर के क्वारंटीन सेंटर ले गई। सोमवार की शाम को वृद्धा और उसके परिवार के दो लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज गया गया। अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
इसी बीच, मंगलवार की दोपहर वृद्धा की मौत हो गई। उधर, दोनों कोरोना पॉजिटिव जमातियों के परिवारों के 17 लोगों की जांच रिपोर्ट मंगलवार शाम आ गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव हैं। सीएमओ डॉ. ओपी तिवारी ने बताया कि वृद्धा को सर्दी-जुकाम था। उसका इलाज पाजिटिव मिले जमाती ने किया था। वृद्धा की मंगलवार की दोपहर मौत हुई है। अभी उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने पर मौत के कारण का पता चलेगा।