वाराणसी। कोरोना संक्रमण के चलते बहुत से लोगों का रोजगार ठप है। पर्यटन क्षेत्र में साल भर से सन्नाटा पसरा हुआ है। विदेशी पर्यटकों की आवाजाही भी ठप है। ऐसे में पर्यटन कारोबारियों की स्थिति बहुत खराब है। आय न होने से संकट छा गया है। बावजूद इन कारोबारियों के कदम नहीं लड़खड़ाए। हिम्मत और हौसले की बदौलत कोरोना का डटकर सामना किया। जीविका चलाने के लिए रोजगार तक बदल दिया। कोई शेयर बाजार में तो कोई किराना स्टोर, सब्जी-फल, रेस्टोरेंट, होम डिलीवरी करने लगा। ये कारोबारी चुनौतियों का सामना कर दूसरों के लिए मिसाल बने हैं। पिछले 13 माह से वाराणसी में पर्यटन कारोबार बुरी तरह प्रभावित है। 300 से अधिक टूरिस्ट गाइड और 250 से अधिक टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर, एक हजार से अधिक छोटे-बड़े होटल, गेस्ट हाउस, लॉज सबकी रोजी रोजगार पर संकट छाया हुआ है। अधिकतर कारोबारियों पर संकट छाया तो परंपरागत कारोबार को बदलकर दूसरा व नया धंधा शुरू किया।
वाराणसी टूरिस्ट गिल्ड के सदस्य प्रवीण मेहता ने बताया कि पर्यटन कारोबारियों ने हैंडलूम, रेस्टोरेंट सहित तमाम काम शुरू किए हैं। टूरिस्ट गाइड विनीत कुमार पांडेय ने बताया कि 15 वर्षों से भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त रीजनल लेवल गाइड हैं। मार्च 2020 में शुरू हुई महामारी से काम प्रभावित हो गया। लंबे समय तक बेरोजगार रहने के बाद पिछले वर्ष दिसंबर में लगेज का एक छोटा सा शोरूम खोला, लेकिन यह भी कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में आ गया है। फिर भी भरोसा है कि सब कुछ ठीक होगा।
केस-1
विदेशी पर्यटकों की आवाजाही साल भर से अधिक समय से बंद है। दशाश्वमेध के गणेश महाल निवासी टूरिस्ट गाइड अनीश झा आलोक के सामने परिवार चलाने का संकट आ गया। ऐसे में अनीश झा ने शेयर मार्केट का काम शुरू किया। अब स्थिति अच्छी है।
केस-2
भारत पर्यटन के टूरिस्ट गाइड वरुण अग्रवाल भी कोरोना के झटके से टूटे थे। हालांकि साथियों की मदद व सुझाव से उन्होंने भी धंधा बदल लिया। शेयर बाजार में वित्तीय सलाहकार का कार्य शुरू किया है। वरुण का कहना है कि फिलहाल ठीक ठाक कमाई हो जा रही है।
केस-3
पर्यटन कारोबारी इंद्रजीत कुमार भी साल भर से कोरोना वायरस के प्रकोप से ग्रसित थे। पर्यटन कारोबार बंद होने के बाद ग्रॉसरी व जनरल स्टोर की दुकान शिवपुर में खोली है। अब उसी से परिवार की गाड़ी चल रही है।