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तिब्बती शिक्षा संस्थान: दीक्षांत में 47 टॉपर्स को गोल्ड, 42 को सिल्वर और 36 मेधावियों को मिला ब्रॉन्ज मेडल

Mon, 17 Feb 2025 11:35 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में पांच साल बाद हुए केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के दीक्षांत समारोह में 125 मेधावियों को पदक मिले। इनमें 47 टॉपर्स को गोल्ड तो 42 को सिल्वर और 36 मेधावियों को ब्रॉन्ज मेडल मिला। 
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केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के दीक्षांत समारोह में 125 मेधावियों को मिले पदक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के 16वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को 125 छात्र-छात्राओं को पदक से नवाजा गया। इनमें 47 मेधावियों को स्वर्ण पदक मिला। वहीं, 42 को सिल्वर और 36 मेधावियों को ब्रॉन्ज मेडल से दिया गया। पांच साल बाद हुए दीक्षांत समारोह में मेडल पाकर छात्र-छात्राएं उत्साहित थे। इसके पहले 2019 में आयोजन मनाया गया था। मुख्य अतिथि व संस्थान के कुलाधिपति केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधि दी।

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गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जीवन में हमेशा कुछ नया करने की सोच के साथ आगे बढ़ें। आपने अभी अपनी शैक्षिक साधना संपन्न कर जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उसका व्यावहारिक जीवन में भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पारंपरिक शिक्षा की शुरुआत भारत से हुई थी। विद्यार्थी के मन में हमेशा कुछ नया सीखने और अन्वेषण करने की इच्छा बनी रहनी चाहिए। कहा कि सनातन संस्कृति का इतिहास अनादि है और अनंत भी है।

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उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने पदक पाने वाले विद्यार्थियों को सफलता का लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी ने संस्थान के विकास यात्रा का उल्लेख किया।

समारोह में सत्र 2023 व 2024 के पंच महाविद्या का अध्ययन कर चुके 18 छात्र-छात्राओं, पीएचडी के 14 और एमफिल के 11 छात्र-छात्राओं को भी गोल्ड मेडल मिला। इस दौरान राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान दिल्ली के वीसी प्रो. श्री निवास वरखेड़ी को मानद उपाधि भी प्रदान की गई।

इससे पहले छात्र-छात्राओं ने तिब्बती व भोट भाषा में मंगलाचरण किया। संचालन प्रो. महेश शर्मा, धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव कुलसचिव सुनीता चंद्रा ने किया। इस दौरान डॉ. लक्पा छेरिंग, सांस्कृतिक मंत्रालय में संयुक्त सचिव अमृता प्रसाद साराभाई, भिक्षु के सिरी सुमेध थेरो आदि मौजूद रहे।
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