अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-14 अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार की अदालत ने बंधक बनाकर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाकर हत्या करने के आरोपी मनीष यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला
छितौना निवासी मनीष यादव पुत्र दिनेश यादव के खिलाफ चौबेपुर थाने में वर्ष 2020 में धारा 302, 326 और 341 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने सजा सुनाई। जबकि एक आरोपी बाल अपचारी होने के कारण उसका पत्रावली किशोर न्यायालय में लंबित है। अदालत में अभियोजन के ओर से एडीजीसी मुनीब चौहान और रवींद्र नारायण तिवारी ने पैरवी की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार छितौना निवासी वादी इंद्रेश कुमार यादव ने चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि उसके पिता राजेंद्र यादव 13-14 अक्टूबर 2020 की रात घर के दरवाजे के पास सो रहे थे। रात करीब दो बजे गांव का मनीष यादव अपने साथियों के साथ घर पर पहुंचा और पिता राजेंद्र यादव को बांधकर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाकर गंभीर रूप से झुलसे राजेंद्र यादव को अस्पताल ले जाया गया।
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घटना के पांच दिन बाद उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।