उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद स्थित मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 24 नवंबर 2019 को हुए बहुचर्चित तिहरे ब्लाइंड मर्डर केस के दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है। विशेष कोर्ट पॉक्सो के न्यायाधीश रामेंद्र सिंह ने शुक्रवार को इस बहुचर्चित केस के दोषी नजीरुद्दीन उर्फ अउवा-पउवा को फांसी की सजा सुनाई।
24 नंवबर 2019 की रात मुबारकपुर थाना अंतर्गत एक गांव से बाहर बने मकान में पति-पत्नी और उसके दुधमुंहे बच्चे की नृशंस हत्या कर दी गई थी। दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के खुलासे के लिए एसपी ने एसपी सिटी के निर्देशन में टीम गठित की थी। एफआईआर में नामदज आरोपी इम्तेयाज नट को निर्दोष पाया था।
आरोपी नजीरूद्दीन उर्फ अउवा पउवा को दो दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया था। फिंगर प्रिंट मिलान और डीएनए टेस्ट भी कराया गया। एक सप्ताह के अंदर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। 12 दिवस के अंदर अभियोन पक्ष के सभी गवाहों की गवाही कराई गई। हालांकि डीएनए रिपोर्ट में देर होने से सजा सुनाने में समय लगा। अदालत ने सुनवाई के बाद नजीरूद्दीन उर्फ अउवा पउवा पुत्र अब्दुल अजीज अंसारी निवासी इब्राहिमपुर थाना मुबारकपुर को फांसी की सजा सुनाई है। जनपद में लगभग 16 वर्ष बाद एक बार फिर फांसी की सजा सुनाए जाने से मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।