यूपी के पूर्व सीएम और देश के पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव के ऊपर अभद्र टिप्पणी करने वाले हनुमान गढ़ी के महंत राजूदास की अमर्यादित टिप्पणी के बाद से प्रदेश के समाजवादी विचारधारा के लोगों के अंदर का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।
गुरुवार को महंत राजूदास के खिलाफ वाराणसी के सिविल कोर्ट में अधिवक्ता प्रेम प्रकाश सिंह यादव ने मुकदमा दायर करवाया है। कोर्ट ने इसे स्वीकार भी कर लिया है और आगामी 17 फरवरी को मामले में बहस होगी। इस दौरान अधिवक्ता, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और नागरिक समाज के लोग भी मौजूद रहे।
कोर्ट में मुकदमा दायर करने वाले अधिवक्ता प्रेमप्रकाश सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महंत राजूदास ने मुलायम सिंह यादव गरीबों के मसीहा रहे। उनके खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करके हमारी भावनाओं को आहत करने का काम किया है।
वादी अधिवक्ता रामदुलार प्रजापति ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव के खिलाफ इस प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी करने वाले राजूदास आज खुले में घूम रहे हैं। उसके खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई तक नहीं हुई।
समाजवादी पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने कहा कि समाजवादी लोग नेताजी के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं, समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. संजय सोनकर ने कहा कि संघ के लोग लगातार समाज को बांटने की साजिश कर रहे हैं। राजूदास संत के नाम पर एक धब्बा है, जिसे गिरफ्तार करके जेल भेजा जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के अवधेश कुमार अंबेडकर ने कहा कि हम लोग न्याय और संविधान में विश्वास करने वाले लोग हैं। न्यायिक रूप से इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। दाखिल वाद को माननीय कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। हमें उम्मीद है कि ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले व्यक्ति को उचित सजा मिलेगी।
परिवाद दाखिल करने वालों में राजेश यादव, अवधेश अम्बेडकर, डॉ. संजय सोनकर, राहुल यादव, कमलेश, आनंद, आशीष, राजेश, जितेंद्र विश्वकर्मा, सत्य प्रकाश के साथ बड़ी संख्या में सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।