बिजली निगम के मीटर रीडरों की तरफ से दिया जा रहा बिजली का बिल उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि मीटर रीडर समय से रीडिंग लेने नहीं आते हैं, ऐसे में वह ऑनलाइन बिल जामा करते हैं। जमा करने के बाद मीटर रीडर बढ़ा हुआ बिल देकर चले जात हैं।
चेजंगज निवासी इशू सिंह ने बताया हर माह एक से डेढ़ हजार का बिजली बिल आता था। मीटर रीडर ने जून का बिल 42,597 रुपये दिया है। अधिकारी कहते हैं कि मीटर की जांच करा लें, बिल सही है। बताया कि वह दिल्ली में रहते हैं। घर बंद रहता है, बावजूद इतना बिल समझ से परे हैं। आदित्य नगर के राजेश पटेल ने बताया कि बिल का मैसेज आ जाता है। उसी के आधार पर ऑनलाइन भुगतान करते हैं। समय से भुगतान के बाद भी रीडर ने जून में दो माह का 37 हजार रुपये का बिल दिया है।
बृजइंक्लेव निवासी मोना शर्मा ने बताया कि गर्मियों में पांच हजार तक का बिल आता था, लेकिन जून में 45 हजार का बिल आया है। बिल सुधरवाने के लिए दो सप्ताह से नरिया उपकेंद्र के चक्कर लगा रही हूं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।