निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। बनारस ही नहीं पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर बदलाव होंगे। अस्सी फीसदी शहर और जिलाअध्यक्ष पूरी तरह से बदल दिए जाएंगे। इसमें वाराणसी सबसे पहले पायदान पर होगा। हालांकि पार्टी संगठन ने अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि 11 दिसंबर को औपचारिक रूप से राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष हो जाएंगे। गुजरात चुनाव के बाद कई प्रदेशों के प्रदेश अध्यक्ष भी बदल दिए जाएंगे। पीएम का संसदीय क्षेत्र होने के कारण प्रदेश अध्यक्ष की निगाहें यहां जमी हुई हैं।
चुनाव के दौरान रामनगर और शहर में पार्टी के कार्यकर्ताओं में विरोध खुलकर सामने आ गया। रामनगर में कांग्रेस की पूर्व चेयरमैन रेखा शर्मा का टिकट काटकर शैलेंद्र पांडेय को दे दिया। नगर निगम का चुनाव बिना किसी रणनीति के लड़ा गया। पार्टी के पास न तो कोई एजेंडा था और न ही कोई रणनीति।
कांग्रेस ने चुनाव के दौरान स्थानीय संगठन में कई फे रबदल किए गए। कार्यवाहक महानगर अध्यक्ष पद पर मणिंद्र मिश्र और कांग्रेस का इलेक्शन एजेंट नौसिखिए व्यक्ति को बना दिया गया। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यह बदलाव निकाय चुनाव के पहले ही होना था लेकिन पार्टी ने रिस्क लेना ठीक नहीं समझा।