दरअसल, कांग्रेस अपने बिखरे वोट बैंक को संजोने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती। देशभर में सीएए पर हो रहे विरोध में एक समुदाय के लोग ही शामिल रहे, मगर वाराणसी में 19 दिसंबर को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के गेट से छात्रों ने विरोध मार्च किया था।
ऐसे में कांग्रेस इन छात्रों के जरिए इस विरोध को हवा देने की भी कोशिश करेगी। कांग्रेस का यह दांव कितना सफल होगा, यह तो भविष्य बताएगा। फिलहाल रविदास मंदिर, श्रीमठ और काशी विश्वनाथ मंदिर के जरिए हिंदू समाज में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है।