जमानत मिलने पर प्रेस कांफ्रेंस करते अधिवक्ता अनुज यादव
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रेप पीड़िता के आत्महत्या मामले में आरोपी सांसद की तरफ से दी गई जमानत अर्जी में कहा गया कि वह नामजद नही है,रेप पीड़िता ने 16 अगस्त 2021 को लाइव फेसबुक पर तमाम अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्महत्या का प्रयास किया था और दिल्ली के तिलकनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इस बीच यूपी सरकार ने अधिकारिता क्षेत्र से बाहर जाकर एसआईटी का गठन किया और लखनऊ के हजरतगंज थाने में पूर्व आईपीएस अभिताभ ठाकुर और सांसद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया,इस बीच 26 सितंबर 2019 को पुलिस आयुक्त के गोपनीय पत्र और अपर पुलिस आयुक्त की जांच आख्या के आधार पर 30सितंबर 2021 को तत्कालीन सीओ अमरेश सिंह बघेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया आरोप लगाया गया कि आरोपी सांसद को रेप से बचाने के लिए लोक सेवक द्वारा पदीय कर्तब्यों के निर्वहन में अपूर्ण निराधार अभिलेख की रचना की गई और लाभ पहुचाने के लिए विधिक तथ्यात्मक पूर्ण आख्या से छुब्ध होकर रेप पीड़िता ने आत्महत्या की।
इस बीच आरोपी सांसद को जब 6 अगस्त 2022 को रेप मामले में दोषमुक्त कर दिया गया तब प्राथिमिकी दर्ज होने के एक वर्ष बाद आरोपी सांसद को इस मामले में रिमांड बनाने के लिये तलब किया गया, बता दे इसी मामले में रिमांड बनाये जाने के लिए पेशी पर नैनी जेल से कोर्ट परिसर में आये थे तब सांसद बेहोश होकर गिर पड़े थे और काफी हो हल्ला मचा था। आरोपी पक्ष की दलील थी कि सांसद के खिलाफ 20 मामले दर्ज थे जिसमें से 10 में बरी हो चुके है,7 में जमानत पर है और दो में फाइनल रिपोर्ट लग गई है यह भी कहा गया तत्कालीन सीओ अमरेश सिंह से मुलाकात,इलेक्ट्रॉनिक संवाद या अन्य कोई दस्तावेज नही है जिससे साबित हो कि सांसद आपराधिक साजिश में शामिल रहे,तत्कालीन सीओ मुख्य आरोपी को इस मामले मे जमानत मिल गई है ऐसे में आरोपी सांसद को जमानत पर रिहा किया जाय।