बीएचयू में हिंदी विभाग में शोध छात्रों का प्रवेश निरस्त करने के विरोध में पिछले एक सप्ताह से केंद्रीय कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी तीन छात्राओं की हालत मंगलवार को बिगड़ गई। आननफानन उन्हें बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। उधर, छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश निरस्त कर गलत किया है। ऐसे में जल्द से जल्द प्रवेश निरस्तीकरण का फैसला वापस लेना चाहिए। इस बीच मंगलवार शाम छात्रों ने विरोध में आत्मदाह करने की चेतावनी दी, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया। ब्यूरो