रिटायरमेंट की रकम, फिक्स और पेंशन सब कुछ दे दिया
पीड़ित अनुज ने बताया कि इस दौरान उन लोगों ने मुझे कूटरचित दस्तावेज, प्रतिभूति भेजकर मुझको व मेरी पत्नी रीना यादव को वीडियो काॅल पर गिरफ्तार करते हुए और मुकदमे से नाम बाहर निकालने के नाम पर डरा धमका कर मुझसे कुल 98 लाख रुपये धोखाधड़ी की। रिटायरमेंट के बाद मिले हुए सारे पैसे, पेंशन आदि फिक्स डिपाजिट तुड़वा कर पैसे ले लिए। उन्होंने कहा कि यह नेशनल सिक्योरिटी का मामला है, यदि अगर आप आत्महत्या कर लेंगे या किसी और को इस बारे में बताएंगे तो उस व्यक्ति से हम पैसा वसूल करेंगे।
बोले, पुलिस में शिकायत की तो हो जाएगी हत्या
साइबर जालसाजों ने मुझे स्थानीय पुलिस को भी बताने से मना किया था। बोले कि यदि कुछ कहा तो नरेश गोयल के आदमी घूम रहे हैं और आपके घर के 500 मीटर के दायरे में सिक्योरिटी लगाई गई है। मेरा बेटा बाहर नौकरी करता है। वह 3 दिसंबर को घर आया और उसने मेरी व पत्नी की दशा देखकर पूछा तो पूरा घटनाक्रम बताया गया।
रिटायर्ड शिक्षिका से हुई थी 3.55 करोड़ की साइबर ठगी, अब तक 26 हुए शिकार
साइबर जालसाजों के निशाने पर रिटायर्ड अधिकारी और कर्मचारी हैं। साइबर जालसाजों ने अब तक 26 लोगों को वाराणसी में डिजिटल अरेस्ट के जरिये 30 करोड़ रुपये लूट चुके हैं। मार्च 2023 में ट्राई का अधिकारी बनकर साइबर जालसाजों ने सेंट जाैन्स मड़ौली की रिटायर्ड शिक्षिका शम्पा रक्षित को 10 दिन डिजिटल अरेस्ट कर 3 करोड़ 55 लाख रुपये साफ कर दिए थे। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 12 से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया था।
शेयर में निवेश के बहाने 12 लाख की साइबर ठगी
शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 12.10 लाख की साइबर धोखाधड़ी हुई है। कराैंदी के चंदन नगर निवासी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि मोबाइल शेयर ट्रेडिंग एप के जरिये जालसाजों ने 12 लाख 10 हजार रुपये निवेश कराए। मुनाफा समेत धनराशि 20.18 लाख रुपये हो गई। जब पैसे निकालने की कोशिश की तो कहा गया कि आठ लाख रुपये जमा करो, तब पैसे निकलेंगे। इस तरह पैसा नहीं निकालने दिया जा रहा है।