वाराणसी जिले में ओला, उबर, रैपिडो, इन ड्राइव सहित विभिन्न कंपनियों की बाइकें लोगों को जरूरत के अनुसार उनके गंतव्य तक पहुंचाने में लगी हैं। ये सभी बाइकें अभी प्राइवेट हैं, जबकि उनका कामर्शियल उपयोग किया जा रहा है। आरटीओ विभाग अब कामर्शियल कार्य से आवागमन करने वाली बाइकों को टैक्सी के रूप में संचालित कराएगा। आरटीओ कार्यालय की ओर से इसकी फीस व परमिट की प्रक्रिया तय कर दी गई है।
निजी बाइकों को भी टैक्सियां की तरह आरटीओ विभाग परमिट जारी करेगा। बाइक स्वामियों को इस कार्य के लिए पहली बार 1,000 रुपये खर्च करने होंगे, फिर हर साल 2,350 रुपये वार्षिक जमा करके आसानी से आवागमन कर सकेंगे।
आरटीओ कार्यालय में निजी बाइक को कामर्शियल में बदलने के लिए ऑफलाइन आवेदन करना होगा। इसमें 600 परमिट फीस भी देनी होगी। बाइक स्वामी त्रैमासिक कर 660 रुपये भी जमा कर सकते हैं, ऐसे में उन्हें वर्ष में चार बार धन जमा करना होगा।
आरटीओ विभाग के अधिकारी के अनुसार इसके शुरू हो जाने से फर्जीवाड़ा पर रोक लग जाएगी, विभाग के पास भी एक डेटा तैयार रहेगा कि शहर में कितनी प्राइवेट गाड़ियों का कामर्शियल उपयोग किया जा रहा है।