भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने आयुष चिकित्सकों के लिए होने वाली सीएमई (कांटिनिवस मेडिकल एजुकेशन) पर रोक लगा दी है। सीएमई में शामिल होने वाले शिक्षक/चिकित्सकों को नियमानुसार जो क्रेडिट अंक मिलता था, उसे भी अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। क्रेडिट अंक मिलने पर उसका लाभ डॉक्टरों के प्रमोशन में होता था। एनसीआईएसएम में एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन बोर्ड में अध्यक्ष डॉ. एसएम कुदरी की ओर से 20 नवंबर को इसका आदेश जारी किया गया है। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय चौकाघाट की प्राचार्या प्रो. नीलम गुप्ता ने बताया कि आयोग की ओर से जो आदेश जारी किया गया है, उसके अनुसार सीएमई क्रेडिट अंक आवंटन के सभी तरह के ऑफलाइन प्रस्ताव पर रोक लगाया गया है। इसकी सूचना सभी विभागों के चिकित्सकों को भी दी जा चुकी है।