जहां सालों तक बेटियों को पढ़ने की आजादी नहीं दी गई। किसी तरह 10वीं तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कम उम्र में ही शादी कर दी जाती थी, आज वहां की बेटियां पढ़ाई की बदौलत डॉक्टर और इंजीनियर बन रही हैं। स्कूली शिक्षा में सुधार के साथ ही सामाजिक व्यवस्था में बदलाव पर विशेष योगदान देने वाली शिक्षिकाओं को शुक्रवार को शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया। इसमें आर्य महिला इंटर कॉलेज की अध्यापिका छाया खरे भी शामिल रहीं। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा में महिलाओं का भी विशेष योगदान रहता है। जहां मैं पढ़ाती हूं, वहां की बेटियां आज अपने सपनों को नई पहचान दे रहीं हैं। नवाचार के जरिये छात्राओं को स्टार्टअप के बारे में जानकारी देती हूं। यदि नौकरी न लगे तो कम से कम स्वरोजगार के जरिए कुछ नया कर सकेंगी।