भाजपा की छह लोकसभा सीटों के संचालन समिति के सदस्यों के साथ बैठक की
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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आगामी चुनाव की तैयारी 24 बिंदुओं को ध्यान में रख कर करेगा। बूथ की सामाजिक रचना के अनुसार बूथ समिति का गठन, मोर्चा का गठन, सदस्यता सूची का सत्यापन, सदस्यता सूची अपडेट करना, मतदान केंद्रवार बैठकें करना, बूथ सदस्यों की मोबाइल नंबर सहित सूची बनाना, हर बूथ की पांच बाइक धारकों की सूची बनाना, बूथ स्तर पर लाभार्थी सूची बनाना, उनका सम्मेलन करना आदि के बारे में बताया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष अपना अस्तित्व बचाने के लिए एक हो रहा है। भाजपा कार्यकर्ता, मतदाता एवं जनता से डायरेक्ट कनेक्शन से गठबंधन को ध्वस्त कर देंगे । आगामी संगठन के कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए कहा कि गांव संपर्क अभियान, पिछड़े वर्ग की बैठकें, सभी मोर्चों के प्रदेश कार्य समिति की बैठकें होेंगी।
साथ ही बूथ स्तर दीवार पर लेखन जिसमें प्रमुख रूप से पार्टी के नारे, पार्टी का निशान लिखे जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, भाजपा कार्यकर्ता सदस्यता अभियान में तेजी लाएं और प्रत्येक बूथ पर कम से कम बीस सदस्य एससी-एसटी के एवं 20 सदस्य ओबीसी के अवश्य बनाएं । मतदाता पुनर्निरीक्षण अभियान, मतदाता सूची को सुधारने का सुअवसर है कार्यकर्ता पूरी तन्मयता से लग जाएं ।
भाजपा लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए मिशन 2019 का शंखनाद कर चुकी है, वहीं पार्टी के कुछ गैर जिम्मेदार पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों के रवैए से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय खुश नहीं दिखे।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ में भाजपा की लोकसभा चुनाव संचालन समिति की बैठक में न केवल मुख्यमंत्री बल्कि प्रदेश अध्यक्ष नाराज रहे। पहले पदाधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराज हुए। फिर देर से आने वालों पर नाराजगी जताई। पदाधिकारियों को जो जिम्मेदारी दी गई थी, उसे लेकर उनका कोई होमवर्क नहीं था, इसने भी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष को नाराज किया।
सूत्रों के अनुसार विधायकों में सुरेंद्र नारायण सिंह विधायक बैठक में रहे जबकि रवींद्र जायसवाल, अवधेश सिंह और सुशील सिंह नहीं थे। इसके अलावा विधायकों में सौरभ श्रीवास्तव, अशोक धवन देर से पहुंचे।
प्रदेश के राज्यमंत्री व दक्षिणी विधायक डा. नीलकंठ तिवारी मुख्यमंत्री के आने से पहले आते-जाते रहे। एक ओर अंदर बैठक चल रही थी तो वहीं बैठक के बाहर सड़क पर कई पदाधिकारी इधर उधर दिखाई पड़े। पूछने पर बताया कि उन्हें बैठक की सूचना नहीं है।
सीएम ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी इतनी योजनाएं कभी नही आई जितनी मोदी सरकार के साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में आई हैं। कमोबेश यही स्थिति उत्तर प्रदेश की है । उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत 1 करोड़ 46 लाख शौचालय बनवाए, विद्युत कनेक्शन आसान किया। गांव-गांव विद्युतीकरण करवाया।
आयुष्मान भारत योजना लागू करके गरीब पीड़ितों को मुफ्त इलाज की सुविधा मुहैया कराई। मुद्रा योजना के तहत लोगों ने नए सिरे से अपना व्यापार शुरू किया। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा सरकार में कभी भी गेहूं, धान आदि फसलों का क्रय नहीं किया गया लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार ने फसल आने से पहले क्रय केंद्र खोल दिए। प्रदेश सरकार में 86 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया।