फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CM योगी को अपने गढ़ में चुनौती, बगावत के मूड में भाजपा विधायक

Fri, 12 May 2017 10:41 AM IST
amarujala.com- Written by: संतोष सिंह
विज्ञापन
सीएम योगी आदित्यना‌थ और भाजपा विधायक ‌राधा मोहन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भाजपा के नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल बगावत के मूड में हैं। वह योगी सरकार के खिलाफ बोलने या फिर प्रदर्शन का कोई मौका नहीं गवां रहे हैं। पुलिस पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप तक लगा डाला। विधायक के बगावती तेवर का फायदा अब विपक्षी पार्टियां उठाना चाहती हैं।
विज्ञापन


नई पार्टी के गठन की कवायद में जुटे एक बड़े नेता ने विधायक से संपर्क भी साधा है। आशय साफ है विधायक के बहाने विपक्षी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उन्हीं के गढ़ में घेरना चाहते हैं। इसके लिए सबसे मुफीद नगर विधायक को मान रहे हैं।

यदि नगर विधायक को तोड़ने में सफलता मिली तो भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है। नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल की छवि जनप्रिय नेता की है। वह चार बार से विधायक हैं। कहा जाता है कि सीएम योगी आदित्यनाथ से शीतयुद्ध के कारण ही नगर विधायक को यूपी सरकार के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी।
विज्ञापन


अब सीएम योगी के नगर विधानसभा क्षेत्र से ही चुनाव लड़ने की चर्चा है। यह मामला पार्टी आलाकमान तक जा चुका है। सीट तय नहीं हुई लेकिन चुनाव लड़ने की हरी झंडी सीएम योगी को मिल चुकी है। सीएम अभी गोरखपुर सदर से सांसद हैं। सितंबर से पहले सांसद का पद छोड़ेंगे, फिर चुनाव लड़कर विधायक बनेंगे।

नगर सीट से सीएम योगी के चुनाव लड़ने की चर्चा ने ही नगर विधायक को आक्रामक कर दिया। वह शासन, सत्ता के खिलाफ लगातार बोल रहे हैं। धरना-प्रदर्शन भी कर रहे हैं। गैर कानूनी शराब दुकानों की बंदी को लेकर विधायक ने बुधवार को टाउन हाल स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना भी दिया।

साफ-सुथरी और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने का दावा करने वाली अपनी ही सरकार को घेरा। विधायक ने साफ कहा कि पुलिस और शराब माफिया का गठजोड़ काम कर रहा है। एसओ चिलुआताल पर कच्ची शराब बिकवाने का आरोप तक लगा डाला। उनका मानना है कि कि वह जनता के नेता हैं।
 

योगी सरकार बनने के बाद से ही भाजपा विधायक के तेवर तल्ख

yogi adityanath
गलत काम होने पर जिस तरह सपा, बसपा सरकार को घेरते थे, वैसे ही अपनी सरकार को घेरने से नहीं चूकेंगे। तर्क देते हैं कि सरकार की छवि अच्छी होगी। जनता में मैसेज जाएगा कि भाजपा कार्यकर्ता गलत काम का हमेशा विरोध करते हैं।

बहरहाल, विधायक के बगावती तेवर ने भाजपा की मुश्किल बढ़ा रखी है। पार्टी नेता विधायक को अपना बता रहे हैं लेकिन यह नहीं बता पा रहे कि बगावत क्यों?। सूत्रों का कहना है कि विधायक अब पार्टी और नेताओं से आरपार की लड़ाई का मन बना चुके हैं।

इसीलिए पुरानी नीति, नियम से काम कर रहे हैं। खामियों को लेकर जनता के बीच में जाने और अपनी सरकार को चुनौती देने का सिलसिला शुरू कर दिया। यूपी में जब से भाजपा की सरकार बनी है, तब से नगर विधायक के तेवर तल्ख हैं। पहले नर्सों के आंदोलन में पहुंचे और उनके साथ धरना दिया।

इसके बाद मेडिकल कॉलेज में संविदा कर्मचारियों की लड़ाई लड़ी। अब शराब की दुकानों की बंदी का मामला सामने आ गया। इसे लेकर विधायक का महिला आईपीएस अफसर चारु निगम से विवाद भी हुआ। इस वजह से आईपीएस अफसर रो पड़ीं।

विधायक सहित भाजपा और सरकार की छिछालेदर हुई। अब विधायक ने गैर कानूनी ढंग से चलने वाली शराब की दुकानों की बंदी को लेकर मोर्चा खोला है। 
 
विज्ञापन

योगी ने लड़ाया था पहला चुनाव , अब दे रहे बगावत के संकेत

राधा मोहन दास - फोटो : SELF
नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल को पहला चुनाव सीएम योगी आदित्यनाथ ने लड़ाया। वह सीएम को अपना राजनीतिक गुरु भी बताते हैं। कहते हैं कि 2002 में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के बैनर से चुनाव लड़ा और भाजपा नेता शिव प्रताप शुक्ला को हराया। 2007 में भाजपा ने प्रत्याशी बनाया, तब से विधायक हूं।
 
आज सीएम से मिलेंगे विधायक
भाजपा के नगर विधायक डॉ. राधा मोहन अग्रवाल गुरुवार को शाम चार बजे लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। वह आईपीएस महिला अफसर चारु निगम से विवाद पर मुख्यमंत्री से बात कर सकते हैं। इसके साथ ही शराब की गैर कानूनी दुकानों को बंद करने से संबंधित ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को दे सकते हैं। 


डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि योगी जी चुनाव लड़ने के लिए जब अपनी सीट पर फैसला करेंगे, तब उस बैठक में हमें भी बैठाएंगे। भाजपा से बगावत की बात करने वाले राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हैं।

कहा क‌ि उन्हें पता नहीं है कि यदि जनाक्रोश को भाजपा ने नहीं भुनाया तो सपा, बसपा को मौका मिलेगा। इसका नुकसान वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ सकता है। योगी और मेरे संबंधों के बारे में सबको जानकारी नहीं है। विवाद या फिर शीतयुद्ध की बात कहना ठीक नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें