मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत भाषा को और अधिक बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में स्थापित वैदिक विज्ञान केंद्र के माध्यम से संस्कृत के विशिष्ट शोध को प्रोत्साहित कर रही है। इस केंद्र में शोध करने वाले छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति भी दी जाएगी ताकि वे आर्थिक चिंता किए बिना अपने शोध को आगे बढ़ा सकें।
प्रदेश में 1.5 लाख बच्चों ने समर्पित किया संस्कृत के लिए जीवन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भौतिकवाद और चकाचौंध वाली दुनिया में हर व्यक्ति भौतिकता के पीछे भाग रहा है, तब भी यूपी में डेढ़ लाख बच्चे अपना जीवन संस्कृत और भारतीय संस्कृति के साथ समर्पित करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। यह सरकार और समाज का दायित्व है कि इस विरासत को संजोए रखें।
छात्रवृत्ति योजना के तहत सुहानी कुमारी, तनूजा शुक्ला, रंजना कुमारी, कृष्णा द्विवेदी, आर्यन चतुर्वेदी, अभिनव मिश्रा, स्मिता पाठक, अमन पाठक, योगेश कुमार दुबे, प्रिंस पांडेय, हर्ष कुमार मिश्र एवं योगी को मुख्यमंत्री ने चेक प्रदान किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, त्रिभुवन राम, सौरभ श्रीवास्तव, सुनील पटेल, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पाठक, काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी, महंत शंकर पुरी महाराज, महंत संतोष दास महाराज, बालक दास महाराज, पं. जगजीतन पांडेय मौजूद रहे।