संत रविदास की जयंती में शामिल होने आ वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। खास बात यह है कि बुधवार को सत्संग के उपरांत संत निरंजन दास और योगी आदित्यनाथ पंगत में बैठकर लंगर छकेंगे। लंगर में सीएम के लिए बिना लहसुन प्याज की दाल, रोटी और रायता तैयार किया जा रहा है।
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इसके साथ ही मंदिर प्रबंधन को यह उम्मीद है कि उनकी वर्षों से लंबित मांगों पर भी कुछ बात बनेगी। सीएम योगी वाराणसी के बीएचयू हैलीपेड पर पहुंच चुके हैं। यहां से सीएम सीर गोवर्धन मुख्य पंडाल के लिए निकल चुके हैं। यहां उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया जाएगा। साथ ही मंदिर प्रबंधन की तरफ से सरोपा और भगवा शाल भेंट की जाएगी।
मंच पर ही रविदासिया धर्म का निशान साहब और संत रविदास की रजत प्रतिमा भी मुख्यमंत्री को भेंट की जाएगी। यहां से वापसी में संत निरंजन दास के साथ वह लंगर करेंगे। भाजपा के कार्यकर्ताओं को भी सीर गोवर्धन स्थित मंदिर परिसर में बुधवार को सेवा कार्य के लिए लगाया गया है। कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर मंदिर तक श्रद्धालुओं के लिए चाय-पानी की व्यवस्था की जाएगी।
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संत रविदास मंदिर के ट्रस्टी केएन सरोवा ने बताया कि मुख्यमंत्री से हम लोग कोई मांग नहीं करेंगे। हमारी बहुत सी मांगें हैं जो काफी समय से लंबित हैं। उनमें संत गुरु रविदास महाराज की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग।
जन्मस्थान परिसर के चारों तरफ 50 मीटर का गलियारा, यात्री निवास, धर्मशाला की मांग को रखेंगे। मौसम की अनियमितता को देखते हुए स्थाई निवास की बेहद जरूरत है। इसके साथ ही बहुमंजिला यात्री निवास धर्मशाला के लिए तीन सौ करोड़ की राशि के आवंटन की मांग शामिल है।
संत गुरु रविदास की धुन में रम गया सीर
संत रविदास की जन्मस्थली
- फोटो : अमर उजाला
संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धन में भक्तों के आने का सिलसिला मंगलवाद की देर रात तक जारी रहा। लोगों का हुजूम रात तक पहुंचता रहा। पूरा सीर गोवर्धनपुर इस समय संत रविदास की धुन में रम गया है। जन्मस्थली पर जिधर भी नजर पहुंच रही है, संत रविदास की तस्वीरें, पोस्टर, बैनर व कानों में गुरु रविदास के ही भजन सुनाई दे रहे हैं। भक्त भी चलते-चलते रास्ते में गुरु के भजन गुनगुनाते नजर आ रहे हैं।
देश-विदेश से अब तक आए सेवादार व भक्तों का जत्था सुबह-शाम संत रविदास मंदिर में मत्था टेकने के साथ ही सेवादारों के साथ काम में हाथ बंटा रहा है। सेवादार भी हर आने वाले गुरुभाइयों को दर्शन कराने के साथ उनकी आवभगत में जुटे हैं।
इतना ही नहीं मंदिर की सुरक्षा की कमान भी सेवादारों ने स्वयं संभाल ली है। मंदिर में प्रवेश से पहले सभी भक्तों की तलाशी मेटल डिटेक्टर से की जा रही है। इसके बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। सीरगोवर्धनपुर गांव में बने रिहायशी पंडालों की सुरक्षा का भी भरपूर ध्यान दिया गया है।
हर टेंट में आग से सुरक्षा की दृष्टि से कनस्तर (टिन) में बालू भरकर रखे गए हैं। आग बुझाने के उपकरण व टेंट के पास फायर ब्रिगेड वाहनों का भी इंतजाम किया गया है। मोबाइल चार्ज करने के लिए कई स्थानों पर प्वाइंट बनाए गए हैं।
सीर से कनाडा तक गूंजेगी गुरू की वाणी
sir gobardhan
- फोटो : अमर उजाला
संत रविदास की जयंती के पूर्व ही जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर क्षेत्र का कोना-कोना गुरुभक्ति की सुगंध से सुवासित है। गुरुवाणी के पाठ से पूरा इलाका गूंज रहा है। संत रविदास जन्मस्थल पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी सतपाल बिरदी की अगुवाई में मंदिर परिसर में जयंती समारोह की निगरानी की जा रही है। दूसरी ओर हजारों की संख्या में महिला श्रद्धालु लंगर में सहयोग के साथ ही पंडालों में सुबह-शाम भजन- कीर्तन करने में तल्लीन हैं।
कनाडा से आए गायक नरेंद्र खेड़ा ने बताया कि वह गुरु की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने के मिशन पर काम कर रहे हैं। वह केवल गुरु और बाबा भीमराव पर आधारित गाने ही गाते हैं। इसके साथ ही वह नए गायकों की फौज भी तैयार कर रहे हैं। उनकी म्यूजिक कंपनी किंगस्टार कनाडा के माध्यम से नए गीतकारों को मंच भी प्रदान करते हैं। इस बार उन्होंने 26 गाने लिखे हैं जिसे 19 नए गायकों ने गाया है।
जालंधर से आए अशोक कुमार ने बताया कि वह संत गुरु रविदास और बाबा भीमराव से संबंधित किताबों की दुकानें लगाते हैं। इसके साथ ही उनसे जुड़ी तस्वीरें, लॉकेट, रुमाल आदि की भी बिक्री करते हैं। खास बात यह है कि वह इन सामानों को एकदम आधे दाम पर श्रद्धालुओं को बेचते हैं। पिछले डेढ़ महीने से वह मेला क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं।
जयंती समारोह में आए संत रविदास के कुछ अनुयायियों ने बताया कि संत रविदास ने ऐसा नगर बसाने की कल्पना की थी जिसमें सभी लोग सुखी रहते हुए जीवनयापन कर सकें। किसी को कोई भय न हो, ऊंच-नीच का भेद न हो, कहीं भी आने-जाने पर रोक-टोक न हो। उन्होंने उस नगर का नाम बेगमपुर रखने की कल्पना की थी। साथ ही उस नगर का नक्शा भी तैयार करा लिया था।
मालवा लंगर कमेटी के प्रबंधक जगदीश कुमार खिच्ची की देख-रेख में गुरु रविदास विद्यालय में लंगर शुरू हो चुका है। वह पिछले पांच सालों से अपने साथियों के साथ गुरु की जन्मस्थली पर लंगर चलाने के लिए ही आते हैं। कमेटी के 250 लोगों की मदद से यह लंगर चलाया जाता है। खास बात यह है कि ये आने वाले हर साल के लिए लंगर की पहले ही तैयारी कर लेते हैं।
उन्होंने विद्यालय के बच्चों के लिए पांच सौ लीटर की क्षमता वाला आरओ भी लगवाया है। उनके साथ आए कमेटी के चेयरमैन लालचंद ने बताया कि गुरु की सेवा करने का इससे बेहतर अवसर कोई नहीं है। हम लोगों द्वारा किया गया है सेवाकार्य पूरे साल हमें प्रेरणा और ताकत देता है। कमेटी की ओर मंदिर क्षेत्र में पांच रुपये में बिसलेरी के पानी की बोतल दी जा रही है।
सीरगोवर्धनपुर मेला क्षेत्र में जगह-जगह सौंदर्य प्रसाधन सामग्री के साथ ही खिलौने व खाने-पीने के वस्तुओं की सैकड़ों दुकानें सज गई हैं। पंजाब के व्यापारियों द्वारा कई स्थानों पर पंजाबी चूड़ियों की दुकानें लगाई गई हैं।
इन दुकानों पर महिलाओं की भारी भीड़ जुट रही है। मेला क्षेत्र में बच्चों के मनोरंजन के भी खास इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह झूले, चरखी लगाने के साथ ही खिलौने की भी काफी दुकानें लगी हैं।मेले में नाम वाली अंगूठी बनवाने का महिलाओं में जबरदस्त क्रेेज दिखा।