वाराणसी। काशी में बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अस्सी स्थित गोयनका संस्कृत महाविद्यालय में बने राहत शिविर में पीडि़तों के बीच पहुंचे। बाढ़ पीडि़तों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री समेत उनके जरूरतों से संबंधित अन्य समान का वितरण किया। इस दौरान सीएम योगी ने बिजली गिरने से मृत तीन परिवार के सदस्यों को चार लाख रुपए का चेक दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीडि़तों से कहा कि इस मुसीबत की घड़ी में सरकार के साथ जिला प्रशासन पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। बाढ़ पीडि़तों की हर तरह से मदद की जाएगी, इसके लिए सरकारी खजाना खोल दिया गया है।
सीएम योगी ने बाढ़ राहत शिविर में मौजूद डीएम और सीडीओ को आदेश दिया कि बाढ़ पीडि़तों को हर कीमत पर 12 से 24 घंटे में मुआवजा मिल जाए। शाम 5.20 बजे सीएम योगी बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा करके अस्सी स्थित गोयनका संस्कृत महाविद्यालय में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर में पहुंचे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ पीडि़त मदन मिश्रा, मीरा देवी, मिट्ठू, सुनीता कश्यप, मंजू, बीरबल पाण्डेय, विदों देवी, पार्वती, निर्मला, रमाशंकर, कीर्ति पटेल, मनोकामना देवी, काजल साहनी, अमित कुमार, इंद्रावती, प्रमोद कुमार सिंह, ध्रुव पाण्डेय, संतोष राजभर, राजेन्द्र खरवार, सिंबू देवी, शनी खरवार, रीता देवी, राजेश वर्मा, बिंदु देवी, विकास कुमार, पुरूषोत्तम पाठक, अन्नपूर्णा, कान्ति देवी, रामसुधार, मोनिका वर्मा को अपने हाथ से रात सामग्री समेत रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली चीजें दी। बाढ़ पीडि़तों को विश्वास दिलाया कि बाढ़ के पानी पर जिला प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को बाहर लाने के लिए और उनकी मदद के लिए बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लगातार जिला प्रशासन और एनडीआरएफ के जवान गश्त कर रहे है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को चेतावनी भी दी कि बाढ़ पीडि़तों की मदद में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई के लिए तैनात रहें। इसके अलावा 17 सिंतबर को बिजली गिरने से जंसा के सत्तनपुर की मृत सुनीता देवी, संजू गुप्ता व सीमा देवी के पति हरगेन पटेल, बबलू व रामदास पाल को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि भी दी।
--------------------
बाढ़ पीडि़तों को मिला एक महीने का राशन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ पीडि़तों से कहा कि उन्हें एक महीने के लिए राहत सामग्री समेत अन्य जरूरी चीजें दी जा रही है। गोयनका इंटर कॉलेज में बाढ़ के कारण शरण लिए हुए 51 परिवार के 217 लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। राहत पैकेट में 10 किलो आलू, पांच किलो लाई, 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 2 किलो भुना चना, 2 किलो अरहर दाल, आधा किलो नमक, 750 ग्राम मसाला, 10 पैकेट बिस्किट, 1 लीटर तेल, माचिस, एक पैकेट मोमबत्ती शामिल है।
--------------------
एनडीआरएफ के जवानों के वर्कशॉप पर नहीं गए सीएम
गोयनका संस्कृत महाविद्यालय के मैदान में 11 एनडीआरफ के जवानों के द्वारा वर्कशॉप लगाया गया था। जिसमें मोटर बोट से लेकर लाइफ जैकेट और कई प्रकार के उपकरण मौजूद थें। बाढ़ पीडि़तों के बीच राहत सामग्री का वितरण करने के बाद सीएम योगी एनडीआरएफ के जवानों के द्वारा लगाए गए वर्कशॉप का अवलोकन किए बिना ही कार में बैठकर रवाना हो गए।
----------------
सतुआ बाबा से सीएम ने पूछा गौशाला में पानी है
बाढ़ का हवाई दौरा करने के बाद बीएचयू हेलीपैड पर उतरते ही उन्होंने सतुआ बाबा से गौशाला का हाल पूछा और बोले, हेलीकाप्टर से देखा की गौशाला मे पानी बहुत आ गया है। सतुआबाबा ने जानकारी की गायों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
-----------------------
मुख्यमंत्री के एनडीआरएफ की नाव से अस्सी से दशाश्वमेध घाट तक निरीक्षण के दौरान पिछड़ा वर्ग मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डॉ नीलकंठ तिवारी, एमएलसी केदार नाथ सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।