यूपी-100 सेवा अभी 100 दिन पूरे भी नहीं कर पाई कि जनपद में उसकी हवा निकलती दिख रही है, ईंधन के अभाव में करीब नौ यूपी 100 वाहनों के पहिए थम गए, वाहनों को मिले स्क्रेच कार्ड में तकनीकि फाल्ट होने पर संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए।
इसकी जानकारी होने पर अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे। तत्काल शासन को अवगत कराया गया, इस दौरान 24 घंटे तक करीब नौ की संख्या में 100 वाहनों के पहिए थम गए थे। शासन ने संबंधित आयल कंपनी को पैसा भेजा। इसके बाद खड़ी यूपी-100 आरम्भ हुईं।
प्रदेश सरकार ने 108 व 102 एम्बुलेंस की तर्ज पर क्राइम कंट्रोल तथा पीड़ित को त्वरित न्याय मिल सके, इसके लिए यूपी-100 सेवा शुरू कराया। योजना के तहत जिले को कुल 38 यूपी-100 गाड़ियां शासन द्वारा दी गई, जिसमें सात इनोवा व 31 बोलेरो शामिल हैं।
यूपी-100 वाहन जिले में 30 दिसंबर 2016 को सक्रिय हो गई और क्षेत्र में काम करने लगी। यह गाड़ियां नियमित रूप से संचालित भी हो रही है। लेकिन बीते 24 घंटे से नौ गाड़ियां ईंधन के अभाव में खड़ी हो गईं। लेकिन विभाग के तत्परता के कारण 24 घंटे के अंदर स्क्रेच कार्ड में फाल्ट को दुरुस्त कर दिया, जिसके बाद यूपी-100 दौड़ने लगी।
यूपी-100 प्रभारी, रमाशंकर यादव ने बताया कि यूपी-100 के प्रत्येक गाड़ियों के पास इंडियन व हिंदुस्तान पेट्रोलियम का दो स्क्रेच कार्ड है, जिससे कहीं भी इनके पेट्रोल पंपों से तेल ले सकती है। कुछ तकनीकि फाल्ट के कारण स्क्रेच कार्ड काम नहीं कर रहा था।
जिसपर पेट्रोल पंप संचालकों ने तेल देने में असमर्थता जताई। तकनीकि फाल्ट को दूर कर बकाए पैसे का भुगतान कर दिया गया है। अब सभी यूपी-100 दौड़ रही हैं।