प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कपड़ा व्यापार के क्षेत्र में कदम आगे बढ़ा है। बहुत जल्द ही वाराणसी में बनने वाले कपड़ों की खरीदारी बहुराष्ट्रीय कंपनियां करेंगी। बहुराष्ट्रीय कंपनी यूनिकोल ने कपड़े को कच्चे माल के रूप में खरीदने की पहल की है और बहुत जल्द ही कंपनी के अधिकारी बनारस में आकर कपड़ों की गुणवत्ता और डिजाइन के प्रकार को अपनी स्वीकृति देंगे।
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मंगलवार को कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से बहुराष्ट्रीय कंपनी के अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर वाराणसी में बनने वाले कपड़ों और उसकी गुणवत्ता, रेट का निर्धारण, डिजाइन आदि के बारे में जानकारी दी। मंडलीय सभागार में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कंपनी ने वाराणसी के लिए जाने वाले कपड़े के कच्चे मालों से पेंट शर्ट, पायजामा, कुर्ता, शेरवानी,आकर्षक परिधानों का निर्माण किया जाएगा।
इसके लिए कंपनी गुजरात में फैक्ट्री लगाएगी। वहीं से वाराणसी से कच्चा माल क्रय किया जाएगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि निश्चित रूप से वाराणसी के लिए बेहतर पहल है। वाराणसी में लंगड़ा आम, दशहरी, गाजीपुर की हरी मिर्च, मटर के साथ ही चंदौली के काले चावल के निर्यात होकर अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में अपना जलवा बिखेरने के बाद अब वाराणसी का फैब्रिक कपड़ा भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने लगा है।
इस दौरान संयुक्त निदेशक नेशनल फैशन डिजाइन संस्थान शंकर झा, उप निदेशक बुनकर सेवा केंद्र संदीप सुधरीकर, संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह, डॉक्टर रजनीकांत के साथ ही अन्य लोग मौजूद रहे।