बादल छंटने और धूप निकलने के बाद भी लोगों को सर्दी से राहत नहीं मिली। पछुआ बयार के चलते धूप में भी सिहरन होती रही। कमरों में तो गलन का एहसास होता रहा। बादलों के छंटने से पारे में तेजी से गिरावट आई है।
बाबतपुर मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले 24 घंटे में तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है।
कोहरा छंटने, बादलों के हटने के बाद सोमवार को सूरज पूरे तेवर के साथ और सुबह धूप की गुनगुनाहट का एहसास भी हुआ। मगर उसके बाद 15 से 20 किलोमीटर की रफ्तार से पछुआ हवा चलने लगी, जिनके आगे धूप की गर्मी बेमानी हो गई। बाबतपुर मौसम केंद्र ने शाम को न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की।
रविवार को न्यूनतम तापमान जहां 16.5 डिग्री सेल्सियस था, वहीं सोमवार को 13 डिग्री पर आ गया। बीएचयू की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई के प्रभारी डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि मंगलवार तक तापमान में तीन डिग्री की और गिरावट आ सकती है। एक किमी ऊपर हवा की रफ्तार 30 किमी है तो पांच किमी ऊपर तक 80 किमी की रफ्तार से पछुआ हवाएं चल रही हैं।
हवाओं की वजह से गलन बढ़ने लगी और सिहरन का एहसास हो रहा है। पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार हैं। ऐसा हुआ तो पूर्वांचल एक बार फिर शीत लहर की चपेट में आ सकता है।