सिंचाई विभाग में बृहस्पतिवार को खराब उपकरणों (स्क्रैप) की नीलामी के दौरान व्यापारियों के विरोध के बाद उसे स्थगित कर दिया गया। उन्होंने पहले किए गए नीलामी का बकाया माल देने की मांग की। विभाग के अधिकारियों व व्यापारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। इस दौरान व्यापारियों ने प्रदर्शन भी किया। 25 से 30 मई के बीच नीलामी की निविदा निकाली गई थी। प्रदेशभर के करीब 80 व्यापारियों ने आवेदन किया। बृहस्पतिवार को विभाग में नीलामी शुरू हुई। इसी बीच व्यापारी अवधेश जायसवाल ने 2019 में हुई नीलामी में तय 70 टन, 150 किलो स्क्रैप में से 48 टन ही माल दिए जाने और शेष माल देने की मांग उठाई।
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इस दौरान अधिकारियों ने व्यापारियों को बाहर निकालने की धमकी दी। इस पर व्यापारी विरोध करते हुए नारेबाजी करने लगे। इसके बाद अधीक्षण अभियंता ने नीलामी को स्थगित कर दिया। अधिशासी अभियंता संतोष कुमार सोनकर का कहना है कि नीलामी की प्रक्रिया नए स्तर पर होगी। पहले के मामले से इसका कोई संबंध नहीं है। वहीं, व्यापारी अवधेश व प्रेम जायसवाल ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से शिकायत की बात कही।