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साहब को कागजी आंकड़े दिखाया, समस्या ने और उलझाया

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वाराणसी। नगर निगम की बेटपरी हो चुकी व्यवस्था पर शासन की टीम भी अब तक कागजी आंकड़ों में ही उलझी है। गंदगी, सीवर जैसी मूलभूत समस्याओं पर समाधान पर दो दिन बाद भी नगर विकास विभाग की टीम यहां की आंकड़ेबाजी में ही उलझी है। समाधान की बात अब तक शुरू ही नहीं हो पाई है। उधर, मंगलवार को 180 करोड़ रुपये की लागत से बनी नगर निगम के इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम पर आंकड़ों के फर्जीवाड़े ने अधिकारियों के लापरवाही की पोल खोल दी। जीपीएस लगे खाली वाहन भी कमांड कंट्रोल सिस्टम में लोडेड दिखीं और ऑनलाइन चालान में बाइक की जगह कार में बिना हेलमेट की पर्ची निकली।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम की व्यवस्था को सुधारने के लिए शासन की टीम को वाराणसी में उतारा है। मगर, शासन की टीम के दो दिन के डेरा जमाने के बाद भी समस्याओं के समाधान तक बात नहीं पहुंची है। मंगलवार को प्रमुख सचिव मनोज कुमार दोपहर में शहर पहुंचे। इसके बाद वे दीनापुर एसटीपी और चौकाघाट पंपहाउस का निरीक्षण करने के बाद वे सिगरा स्थित सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में जानकारी ली। यहां जीपीएस गाडि़यों के फर्जी आंकड़ेबाजी पर स्मार्ट सिटी की कंपनी को आड़े हाथ लिया। 180 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद चौपट व्यवस्था पर एक माह में सुधार की चेतावनी दी। सफाई व्यवस्था की पूरी जानकारी ली और करसड़ा में तैनात कर्मचारियों से भी उस डेटा की पुष्टी की। कई कर्मचारियों द्वारा सही जानकारी न होने पर उन्होंने जमकर फटकार लगाई।
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कितने प्रतिशत घरों से उठता है कचरा: प्रमुख सचिव
प्रमुख सचिव ने शहर के डोर टू डोर कलेक्शन में लापरवाही पर नाराजगी जताई और पूछा कितने फीसदी घरों से कचरा उठता है। सही मॉनिटरिंग नहीं होने पर फटकार लगाई और वाहनों में गीला व सूखा कचरा अलग अलग ले जाने की व्यवस्था का निर्देश दिया। प्रमुख सचिव ने नगर निगम के अधिकारियों से कर वसूली, सफाई व्यवस्था के साथ ही जलकल की व्यवस्थाओं के बारे में पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने आंकड़े और अन्य दस्तावेज अपने साथ ले लिये। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर ही शहर की व्यवस्थाओं को सुधारा जाएगा। वहीं बुधवार की सुबह छह बजे वे स्थलीय निरीक्षण करने निकल जाएंगे, जोे कई वार्डों की सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण करेंगे।
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प्रमुख सचिव ने एसटीपी दीनापुर में बायोगैस इंजन का शुभारंभ किया
चिरईगांव। प्रमुख सचिव मनोज कुमार ने एसटीपी दीनापुर में बायोगैस इंजन का शुभारंभ किया। प्लांट के निरीक्षण के दौरान बायोगैस इंजन संचालन की तकनीकी जानकारी ली। इस दौरान सचिव नगर विकास अनुराग यादव, जलनिगम के वीपी मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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फोटो-
शहर में सीवर की समस्या है भारी, लोग झेल रहे हैं दुश्वारी
- शाही नाले की मरम्मत के चलते कई इलाकों में भरा पानी
- दो वार्डों के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में हो रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। शाहीनाले की मरम्मत और सीवर जाम की समस्या के चलते दो वार्ड के लोग परेशान हैं। करीब एक दर्जन मोहल्लों में जलजमाव से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को है, जो सीवर के बीच से होकर गुजर रहे हैं।
शाहीनाले की मरम्मत का कार्य पिछले दो-ढाई साल से चल रहा है। इसके लिए जगह-जगह बाईपास बनाकर सीवर को पंप के माध्यम से सफाई किया जा रहा है। काम करने वाले ठेकेदार की लापरवाही के चलते दो वार्ड जंगमबाड़ी और पांडेय हवेली के करीब एक दर्जन मोहल्लों के एक हजार परिवार प्रभावित हैं।
इन मोहल्लों में है परेशानी
जंगमबाड़ी, गणेश महाल, काली जी गली, नाटकोट क्षेत्रम, हनुमान मंदिर, पांडेय हवेली, कसाई बाड़ा, विपिन विहारी स्कूल, खारी, बंगाली टोला वार्ड के पातालेश्वर, खालिशपुरा, यदुनाथ पुरा, मानसरोवर, पांडेय घाट, चौसट्टी घाट, राणमहल घाट, गंगा महल घाट, मुंशी, घाट, अहिल्याबाई घाट।
ये है परेशानी की वजह
शाही नाले की सफाई के लिए गोदौलिया, गिरजाघर और खारी कुंआं पर मोटरपंप लगाए गए हैं, लेकिन ठेकेदार उसे चला नहीं रहा है। इसके अलावा जिस ठेकेदार को सफाई का जिम्मा दिया गया है, वह अपना बकाया होने की बात कहकर काम नहीं करा रहा है।
ये है समाधान
इस क्षेत्र में प्रतिदिन सभी सीवर लाइनों की सफाई अधिकारी अपनी देखरेख में कराएं। इसके साथ ही प्रतिदिन सुबह और शाम पंप चलाकर इस समस्या का समाधान हो सकता है। वरना सभी मोहल्ले सीवर की समस्या और दुर्गंध झेलते रहेंगे।
कई बार शिकायत के बाद भी सीवर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। शाही नाले की सफाई करने वाले ठेकेदार की लापरवाही के चलते पूरा क्षेत्र परेशान हैं।
गोपाल यादव, पार्षद जंगबाड़ी
सीवर समस्या हम लोगों के लिए नासूर बन गई है। लोगों के घरों में सीवर का गंदा पानी भर गया है। शाही नाले का काम करने वाली कंपनी की लापरवाही का दंश हम लोग झेल रहे हैं।
चंदू दादा, पार्षद, बंगाली टोला
शाही नाले के मरम्मत के चलते कुछ दिनों पहले समस्या हुई थी, जिसे तत्काल दूर कराया गया। अब यह समस्या जलकल की है, जिसे अवगत करा दिया गया है।
एसके बर्मन, प्रोजेक्ट मैनेजर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई
इन क्षेत्रों में भी है सीवर समस्या
शहर में सिगरा, चंदुआ छित्तूपुर, लहरतारा, काली महाल, बड़ी पियरी सहित कई इलाकों में सीवर समस्या है, जिसकी शिकायत हुई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
विरोध के बाद सीवर की हुई सफाई
मोहर्रम के तीसरी तारीख को निकलने वाला दुलदुल का जुलूस काली महाल क्षेत्र से निकलता है। ऐसे में इस मार्ग पर सीवर पिछले 10 दिनों से जाम था। कई बार शिकायत हुई लेकिन समस्या को दूर नहीं किया जा रहा था। मंगलवार को स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को फोन पर यहां से निकलने वाले जुलूस के बारे में जानकारी देते हये विरोध करने की बात कही। इसके बाद जलकल हरकत में आया और तत्काल मंगलवार की शाम को मशीनें लगाकर सफाई करा दी गईं। तब लोगों ने राहत की सांस ली।
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