शहर में हरियाली लाने के लिए सड़कों के किनारे और खाली जगहों पर 20 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए 20 हजार ट्री गार्ड भी लगाए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग एजेंसी के जरिये सर्वे करा रही है। 15 मई तक सर्वे पूरा करने के बाद बनी रिपोर्ट के आधार पर काम शुरू होगा। वहीं, मियावाकी पद्धति से भी जिले में 14 स्थानों को चिह्नित कर घने बाग लगाए जाएंगे।
उप प्रभागीय वनाधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग से पूछा है कि किन सड़कों के किनारे ट्री गार्ड लगाए जा सकते हैं। जुलाई में शहर की प्रमुख सड़कों के किनारे फल और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। वहीं, शहरी क्षेत्र के एफसीआई गोदाम में 0.4 हेक्टेयर में और टिकरी कला गांव में घने बाग लगाने की तैयारी है।
क्या है मियावाकी पद्धति
मियावाकी पद्धति सीमित क्षेत्र में छोटे-बड़े आकार के पौधे लगाने की एक विधि है। जिसे जापान के वनस्पति वैज्ञानिक अकीरा मियावाकी ने विकसित किया था। इस विधि से शहर के सात जगहों पर मियावाकी पद्धति पौधराेपण किया गया है। इसमें डोमरी गांव और मलदहिया स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मुख्य हैं।