खुशी और गम के दो किनारे काशी में बुधवार रात गंगा के एक पाट पर खड़े मिले। एक तरफ दिलों में उठती अपनों से बिछड़ने की हूक और आंखों में गम के बादल लिए एक-दूसरे के कंधे थाम कर फफकते लोग थे तो दूसरी ओर महफिल में सुर, लय और ताल पर पांवों में घुंघरू बांध कर थिरकती नगर वधुओं संग रुपये लुटाते और झूमते लोग। मोक्षपुरी के मणिकर्णिका महाश्मशान पर एक ओर चिताएं धधकती रहीं तो दूसरी तरफ नृत्यांगनाओं के पांवों से झंकृत हुए घुंघरू के बोल हर किसी के लिए नया अनुभव देने वाले थे। बाबा श्मशान नाथ महोत्सव की आखिरी निशा के इस अद्भुत दृश्य को निहारने और कैमरे में कैद करने की खूब होड़ मची। चैनलों ने ओबी वैन लगाई तो विदेशी मेहमान भीड़ में धक्के खाकर क्लिप बनाते नजर आए।
नगर वधुओं ने पांवों में घुंघरू बांधकर पहले बाबा श्मशान नाथ के गर्भगृह में हाजिरी लगाई। जीवन के अंधकार से छुटकारा पाने की अरजी लगाने के बाद एक-एक कर नृत्यांगनाएं महफिल के भव्य मंच पर उतरती गईं। रात करीब 10:30 बजे बाबा की सविधि पूजा के बाद संगीत महोत्सव की शुरुआत- बम बम बोल रहा है काशी...से हुई। इसके बाद सोनम ने देवर हो ताकअ ता मोर करिहइयां...के बोल पर ठुमके लगाए। इस भोजपुरी गीत के बोल पर नृत्य के दौरान भीड़ बेकाबू होने लगी। आयोजकों ने किसी तरह लय में आए युवकों को संभाला। इनके बाद मुंबई से आईं नृत्यांगना नीतू श्रीवास्तव की आमद मंच पर हुई तो हर हर महादेव के जयकारे लगने लगे। उन्होंने फिल्मी गीत- देर न हो जाए कहीं देर ना हो जाए... के बोल पर अपने मोहक अंदाज से दर्शकों के दिल में जगह बनाई। प्रिया ने पूर्वांचल में लोकप्रिय भोजपुरी गीत -सइयां अरब गइलें ना... के बोल पर ठुमके लगाए तो उत्साहित कुछ दर्शक मंच के पास पहुंच गए। पुलिस के जवान बार-बार भीड़ संभालने की कोशिश करते रहे। ललटेन जरा के धरब सैंया तोहरे पजरिया में...लीला कर-लीला कर...जैसे भोजपुरी गीतों के बोल के श्मशान पर नगर वधुओं की थिरकन देर रात तक चली।
संगीत निशा श्मशान नाथ सेवा संघर्ष समिति की ओर से आयोजित की गई थी। कलाकारों का स्वागत समिति के अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता ने किया। इससे पहले श्मशान नाथ की महाआरती की। इस मौके पर गुलशन कपूर, सोनू कपूर, बिहारी लाल गुप्ता समेत तमाम लोग उपस्थित थे।