कोनिया निवासी अरविंद तिवारी ने दो चिकित्सकों और एक टेक्निशियन के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित ने कैंट थाने में तहरीर दी। अरविंद ने बताया कि उनकी मां उमा देवी को कान से सुनाई नहीं दे रहा था। 29 जनवरी को वे लहुराबीर स्थित एक चिकित्सक के पास गईं। चिकित्सक ने उन्हें नदेसर स्थित क्लिनिक पर भेजा।
31 जनवरी को क्लिनिक पहुंचने पर चिकित्सक ने टेक्निशियन के पास भेजा। टेक्निशियन ने दो-तीन मशीनें दिखाकर कहा कि यह मलेशिया की मशीन है और यह अच्छी तरह सुनाई देगी। मशीन 18 हजार रुपये में लगाई गई और दो साल की गारंटी भी दी गई।
हालांकि तीन-चार दिन बाद ही चीनी मशीन ने काम करना बंद कर दिया। जब अरविंद टेक्निशियन के पास शिकायत करने गए तो टेक्निशियन ब्रजेश सिंह ने मशीन को बेचे जाने से इन्कार कर दिया और गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी।
अरविंद का आरोप है कि डॉक्टर रमेश और डॉक्टर आनन्द श्रीवास्तव भी इस धोखाधड़ी में शामिल हैं, क्योंकि मशीन उनकी डिस्पेंसरी के माध्यम से ही बेचने के लिए रेफर की गई थी। अरविंद ने बताया कि उनकी मां ने पहली बार मशीन खरीदी थी और पहली बार ही ठगी का शिकार हुईं। कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।