हिमालय से आने वाली शीतोष्ण और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रही हवाओं के टकराव से पूर्वांचल गुरुवार को कोहरे की चादर में लिपट गया। लोकल हीटिंग के साथ ठंड हवाएं बहने से कोहरे के साथ गलन बढ़ गई है। इसी के साथ न्यूनतम तापमान और गिरावट आ गई है। पांच किमी ऊंचाई तक तेज रफ्तार में बहने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाएं दो दिन बाद निचली सहत पर आ सकती हैं। ऐसा हुआ तो शीतलहर शुरू हो जाएगी। इस बीच जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव जयापुर आैर गोसाईंपुर मोहांव में ठंड लगने से बीमार दो लोगों की मौत हो गई।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच गुरुवार को सिर्फ 5.06 डिग्री सेल्सियस का अंतर रह गया। विपरीत दिशा से आ रही हवाओं के टकराव से इस बार पहले ही कंपकंपी छुड़ाने वाली ठंड पड़ने लगी है। सतह पर बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रही हवाओं की सुस्त रफ्तार और दो से पांच किमी ऊंचाई पर 50-60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बहने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाओं के असर से गुरुवार को काशी समेत आसपास के इलाके घने कोहरे की चपेट में आ गए। बीएचयू के मौसम विशेषज्ञ डॉ. राजीव भाटला के अनुसार शुक्रवार को कोहरा और घना हो सकता है। दिन में धूप उगने के आसार कम हैं। दो दिन बाद हवाओं का रुख बदलने से आसमान साफ हुआ तो शीतलहर चलने लगेगी। बाबतपुर मौसम केंद्र के अनुसार गुरुवार की शाम अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.01 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
आराजीलाइन संवाददाता के अनुसार जयापुर की गुलाबी देवी (80) पत्नी स्व भगवती सिंह शाम को बरामदे में बैठी थीं। बेटे जितेंद्र से तेज ठंड लगने और शरीर कांपने की बात कहते हुए बिस्तर तक पहुंचाने को कहा। जितेंद्र उन्हें घर के भीतर लेकर जाने लगा तो बरामदे में ही गुलाबी गिर पड़ीं और मौत हो गई। चोलापुर क्षेत्र के गोसाईंपुर मोहांव निवासी किसान बिंदु मिश्र (45) बुधवार शाम सिंचाई कर घर लौटे तो तबीयत खराब हो गई। रात में हालत बिगड़ने पर लोग चमरहां स्थित अस्पताल ले गए। वहां से चिकित्सक ने पं. दीनदयाल जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार को भोर में उनकी मौत हो गई।
कैंट स्टेशन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 23 घंटे, कोटा-पटना 17 घंटे, श्रमजीवी एक्सप्रेस 15 घंटे, उपासना एक्सप्रेस 13 घंटे, लिच्छवी एक्सप्रेस 11 घंटे, जलियावाला बाग एक्सप्रेस नौ घंटे, सद्भावना एक्सप्रेस साढ़े आठ घंटे, अमृतसर मेल साढ़े आठ घंटे, मरुधर साढे़ सात घंटे, गरीब रथ साढ़ेे सात घंटे विलंबित रहीं। दिल्ली से जयनगर जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, सीतामढ़ी-दिल्ली लिच्छवी एक्सप्रेस निरस्त रहीं।