नवजात बच्चों को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए ) की ओर से नए साल का उपहार टीका रूपी सुरक्षा कवच के रूप में दिया जाएगा। अब आईएमए में सुबह और शाम दो-दो घंटे के बजाय रोज आठ घंटे (सुबह 9 से शाम 5 बजे तक) टीकाकरण कराया होगा। करीब पचास साल बाद इस समय में बदलाव किया गया है। इससे टीकाकरण का ग्राफ बढ़कर दोगुना हो जाएगा। साथ ही यहां से किसी भी बच्चे को निराश नहीं लौटा पड़ेगा।
आईएमए की ओर से ब्लड बैंक, ऑक्सीजन बैंक के साथ ही टीकाकरण सहित अन्य सामाजिक कार्य कराए जाते हैं। टीकाकरण की बात करें तो पांच साल तक के नवजात से लेकर 16 साल तक के किशोर को चिकित्सकों की सलाह पर टीके लगाए जाते हैं। स्थिति यह है कि सर्दी हो या गर्मी लोग अपने बच्चों को लेकर सुबह, शाम टीका लगवाते हैं। अब आठ घंटे की टीकाकरण की व्यवस्था एक जनवरी से लागू होगी।
टीकाकरण का आंकड़ा हो जाएगा दस हजार
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. राहुल चंद्रा के अनुसार, 1970 से टीकाकरण की व्यवस्था है। सुबह और शाम दो-दो घंटे टीका लगाने की व्यवस्था थी। बच्चों की सेहत और अभिभावकों की जरूरत को देख समय में बदलाव किया गया है। अब लोग सुबह 9 से शाम 5 बजे तक आईएमए आकर टीका लगवा सकेंगे। अब तक चार से पांच हजार बच्चों को हर महीने टीका लगता था, लेकिन समय बढ़ने से यह आंकड़ा दस हजार के पार पहुंचने का अनुमान है।
एक नजर में आंकड़ा
अब तक का समय गर्मी
सुबह 8 से 10
शाम 5 से 7 बजे
सर्दी
सुबह 9 से 11
शाम 4 से 6 बजे
नया समय : सुबह 9 से शाम 5 बजे तक
टीकाकरण का समय दो-दो घंटे होने के कारण बहुत से लोग वापस भी चले जाते थे। उनकी सहूलियत और बच्चों की सेहत को देख समय में 50 साल बाद बदलाव किया गया है। आने वाले दिनों में और सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। - डॉ. राहुल चंद्रा, अध्यक्ष, आईएमए
यह भी जानना है जरूरी
टीका के बाद पर्चे पर एक जनवरी से समय बदलने की जानकारी दी जा रही है।
आने वाले दिनों में टीका लगवाने के बाद मोबाइल पर मेसेज भेजने की भी व्यवस्था हो रही है।
कंप्यूटर में बच्चे की जन्म तिथि, नाम, पता के साथ ही पूरा ब्योरा दर्ज होगा।