आग लगने से बालक की मौत के बाद सभी यही प्रश्न कर रहे हैं कि आखिर आग कैसे लगी। गांव में चर्चा है कि शीला अपनी बहन के घर गई थी तो पाही के पास उसके बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ आलू दम बना रहे थे। हो सकता है कि आलू दम बनाते समय निकली चिंगारी से मड़हे में आग लग गई। दरवाजा बंद होने पर बालक पीछे से मड़हे में घुसा था। मड़हे में पीछे की तरफ ही आग लगी। इससे परिजन आशंका जता रहे कि कहीं किसी ने साजिशन तो आग नहीं लगाई।
मां का रोकर बुरा हाल, काश घर पर होती
आग लगने पर बालक की मौत होने पर घर पहुंची मां शीला का रो-रोकर बुरा हाल है। शीला बार-बार यही कह रही है कि काश वह अपनी बहन के घर नहीं गई होती। घर पर होती तो शायद यह हादसा ना होता और उसका पुत्र उसके पास होता।
मड़हे में बाइक और अन्य सामान भी जले
जरहा गांव के मड़हे में आग लगने से बालक की जिंदा जलने से मौत होने के साथ उसमें रखी बाइक और गृहस्थी जलकर राख हो गई। शीला और कैलाश पुत्र में गम में बेहोश जा रहे थे। ग्रामीणों ने परिवार के मदद की गुहार लगाई है।