घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को दोपहर करीब 1.30 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजनों ने मांग की कि आरोपी संजय सिंह के घर पर बुलडोजर चलाया जाए, मृतक परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिले और मृतक के बेटे चंद्रेश राजभर को सरकारी नौकरी दी जाए।
ठोस आश्वासन मिलने तक परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। बारिश में भीगते हुए छोटू की बहनें और बेटियां शव के पास बैठ बिलखती रहीं। पिता भोला राजभर समेत परिजनों ने मौके पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर और जिलाधिकारी को बुलाने पर अड़े रहे।
मामले की गंभीरता भांपकर एसडीएम सदर नितिन सिंह, एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना पहुंचे और परिजनों को समझाया। लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद चार बजे के बाद एसडीएम सदर के आश्वासन पर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। घाट पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर भी पहुंचे।
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छितौना गांव जाने वाले मुख्य मार्गों पर आरआरएफ की टीम तैनात
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छोटू राजभर की मौत पर गांव में एक बार फिर तनाव को देखते हुए पुलिस और आरएएफ तैनात कर दी गई। इस चर्चित घटना में करणी सेना और कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर व सुभासपा के खिलाफ सड़क पर उतर कर आंदोलन भी किया था। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने चौबेपुर थाने के अंदर प्रदर्शन कर विरोध जताया था। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष रविकांत मलिक को लाइन हाजिर भी किया गया था। सुभासपा नेता अरविंद राजभर ने भी छोटू राजभर की मौत पर दुख जताया और कहा कि एक परिवार की क्षति नहीं बल्कि पूरे समाज की क्षति है।
एसआईटी की जांच जारी है। निष्पक्ष तरीके से विवेचना हो रही है। छोटू राजभर की मौत मामले में सभी आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। छितौना गांव में शांति व्यवस्था कायम है। - शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था
एसआईटी की जांच अब तक जारी
छितौना कांड को राजनीतिक रूप लिए जाने के बाबत घटना की निष्पक्ष विवेचना के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने 11 जुलाई को एसआईटी गठित की है। अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था, मुख्यालय शिवहरी मीणा की अध्यक्षता में गठित एसआईटी में डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, डीसीपी क्राइम सरवणन टी., एडीसीपी वरूणा नीतू, एसीपी कैंट नितिन तनेजा और चौबेपुर इंस्पेक्टर अजीत कुमार वर्मा शामिल है।