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छितौना कांड: घायल छोटू राजभर की तीन महीने बाद मौत, शव घर पहुंचते ही तीन घंटे तक प्रदर्शन; पुलिस तैनात

Fri, 03 Oct 2025 10:38 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में तीन महीने पहले मारपीट में घायल एक शख्स की इलाज के दौरान गुरुवार की देर रात मौत हो गई। घटना से लोगों में आक्रोश का माहौल है। दूसरी तरफ, जब उनकी लाश घर पहुंची तो कोहराम मच गया। महिलाएं मंत्री और डीएम को बुलाने की मांग करने लगी।
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छोटू राजभर की माैत के बाद घर पर भीड़ और बिलाप करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चौबेपुर के छितौना में 5 जुलाई को मारपीट में घायल छोटू राजभर (45 वर्ष) की बृहस्पतिवार की रात बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। 3 महीने से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष के बाद छोटू की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी भाजपा के बूथ अध्यक्ष संजय सिंह को गिरफ्तार किया। 

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पोस्टमार्टम के बाद शव छितौना गांव पहुंचते ही परिजनों ने शव रखकर तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। आरोपी के मकान पर बुल्डोजर चलाने और मौके पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, जिलाधिकारी को बुलाने पर अड़ गए। एसडीएम सदर नितिन सिंह ने किसी तरह समझा बुझाकर शांत कराया। गांव में आरएएफ समेत पुलिस फोर्स तैनात है।

चौबेपुर थाना क्षेत्र के छितौना गांव में 5 जुलाई की सुबह खेत में मवेशी चरने को लेकर दो पक्षों में मारपीट, पथराव और धारदार हथियार से हमला किया गया था। मारपीट में चार लोग घायल हुए थे। राजभर समुदाय के युवक की पिटाई से नाराज कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर व सुभासपा के समर्थकों ने चौबेपुर थाने पर दबाव बनाकर भाजपा बूथ अध्यक्ष संजय सिंह, अमित सिंह, अनुराग सिंह सहित अज्ञात के खिलाफ ज्वाला प्रसाद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें दोनों बेटों को तुरंत गिरफ्तार किया गया और जेल भेजे गए। भाजपा बूथ अध्यक्ष संजय सिंह भी गंभीर रूप से घायल होने के कारण पं दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती था।
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घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को दोपहर करीब 1.30 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजनों ने मांग की कि आरोपी संजय सिंह के घर पर बुलडोजर चलाया जाए, मृतक परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिले और मृतक के बेटे चंद्रेश राजभर को सरकारी नौकरी दी जाए। 

ठोस आश्वासन मिलने तक परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। बारिश में भीगते हुए छोटू की बहनें और बेटियां शव के पास बैठ बिलखती रहीं। पिता भोला राजभर समेत परिजनों ने मौके पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर और जिलाधिकारी को बुलाने पर अड़े रहे। 

मामले की गंभीरता भांपकर एसडीएम सदर नितिन सिंह, एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना पहुंचे और परिजनों को समझाया। लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद चार बजे के बाद एसडीएम सदर के आश्वासन पर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। घाट पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर भी पहुंचे। 

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पुलिस पर भी हुई थी कार्रवाई

छितौना गांव जाने वाले मुख्य मार्गों पर आरआरएफ की टीम तैनात - फोटो : अमर उजाला
छोटू राजभर की मौत पर गांव में एक बार फिर तनाव को देखते हुए पुलिस और आरएएफ तैनात कर दी गई। इस चर्चित घटना में करणी सेना और कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर व सुभासपा के खिलाफ सड़क पर उतर कर आंदोलन भी किया था। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने चौबेपुर थाने के अंदर प्रदर्शन कर विरोध जताया था। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष रविकांत मलिक को लाइन हाजिर भी किया गया था। सुभासपा नेता अरविंद राजभर ने भी छोटू राजभर की मौत पर दुख जताया और कहा कि एक परिवार की क्षति नहीं बल्कि पूरे समाज की क्षति है। 

एसआईटी की जांच जारी है। निष्पक्ष तरीके से विवेचना हो रही है। छोटू राजभर की मौत मामले में सभी आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। छितौना गांव में शांति व्यवस्था कायम है। - शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था


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एसआईटी की जांच अब तक जारी
छितौना कांड को राजनीतिक रूप लिए जाने के बाबत घटना की निष्पक्ष विवेचना के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने 11 जुलाई को एसआईटी गठित की है। अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था, मुख्यालय शिवहरी मीणा की अध्यक्षता में गठित एसआईटी में डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, डीसीपी क्राइम सरवणन टी., एडीसीपी वरूणा नीतू, एसीपी कैंट नितिन तनेजा और चौबेपुर इंस्पेक्टर अजीत कुमार वर्मा शामिल है।
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