पंडित छन्नू लाल के आवास पर भाजपा नेता।
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इस बीच, प्रशासन ने अपील की कि पद्मविभूषण स्वर्गीय पंडित छन्नूलाल मिश्र के सुपुत्र प्रसिद्ध तबला वादक पंडित रामकुमार मिश्रा अपने पिता की अंत्येष्टि के लिए दिल्ली से बनारस पहुंच रहे हैं। इसलिए किसी भी तरह के भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और उनके बनारस पहुंचने का इंतजार करें। प्रशासन के तरफ से किसी भी तरह का दबाव पंडितजी के अंत्येष्टि के लिए नहीं है। शास्त्रीय विधि अनुसार, उनके अंत्येष्टि का कार्य उनके पुत्र पंडित रामकुमार मिश्रा को ही करना है।
सीपी मोहित अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि।
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गायकी के उस्ताद पंडित छन्नू लाल मिश्र को श्रद्धांजलि देने के लिए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल भी पहुंचे। इसके पहले भाजपा नेताओं का जमावड़ा रहा। मेयर अशोक तिवारी, पूर्व मेयर रामगोपाल मोहले, विधायक डाॅ. नीलकंड तिवारी, पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह भाजपा विधायक अवधेश सिंह, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि भी रहे।
अजय राय ने पंडित छन्नू लाल को दी श्रद्धांजलि।
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अजय राय ने भी दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत के महानायक, बनारस घराने की आत्मा और काशी की पहचान पद्म विभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन न सिर्फ काशी बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। आज उनके आवास पर जाकर पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मन बेहद व्यथित हुआ छन्नूलाल जी में बनारसीपन रग-रग में बसता था। उनकी गायकी में गंगा की धार, ठेठ काशी की माटी की महक और बनारसी ठसक,काशी के गलियों की ललक झलकती थी।
कहा कि छन्नूलालजी का पूरा जीवन संगीत साधना को समर्पित रहा। वह बनारस घराने के उस गौरवशाली परंपरा के संवाहक थे, जिसने भारतीय संगीत को अध्यात्म, भक्ति और बनारसीपन की आत्मा से जोड़ा। उनकी ठुमरी, दादरा, कजरी, चैती और भजन गायकी में गंगा की निर्मल धारा बहती थी। जब वे गाते थे, तो लगता था मानो काशी की गलियों, घाटों और माटी की खुशबू उनकी आवाज से आ रही हो।
आजाद स्पोर्टिंग क्लब हड़हा की ओर से शास्त्रीय गायक पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर क्लब के अध्यक्ष राजेश गुप्ता एवं महामंत्री सुमित कुमार शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में वैभव मिश्रा, विशाल, नारायण, राजेश, हरी निगम, दीपक यादव और इशू उपाध्याय समेत अनेक सदस्य शामिल हुए। सभी ने पंडित जी के अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें संगीत जगत का गौरव बताया और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।