मंडल में खरीफ सीजन में यूरिया की अधिक खपत की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान डॉ. कुमार ने बिक्री रजिस्टर से किसानों का सत्यापन किया और उनसे सीधे बात की। दोनों दुकानों पर भौतिक सत्यापन में स्टॉक सही पाया गया। इफको ई-बाजार में 43 मीट्रिक टन यूरिया और 18.8 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध था, जबकि मिनाल ट्रेडिंग कंपनी में 203.03 मीट्रिक टन यूरिया और अन्य उर्वरक सही मात्रा में पाए गए। इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉ. रमेश कुमार ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार यूरिया और डीएपी पर भारी सब्सिडी देती है। इनका वितरण जीओएस मशीन से किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता अनावश्यक रूप से उर्वरक बेचता है या कालाबाजारी करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। निरीक्षण के समय संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल और जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौजूद रहे।