खालिसपुर चौराहे पर बुधवार की रात हुआ पथराव और उपद्रव वहीं मौजूद देशी शराब के ठेके से जोर पकड़ा था। पुलिस की छानबीन में पता चला है कि चौराहे के समीप स्थित देशी ठेके पर आरोपियों ने छक कर शराब पी थी और उसी दौरान पथराव की योजना बनाई गई थी। इसके बाद सुनियोजित तरीके से गांव की बिजली काट कर उपद्रव शुरू कर दिया गया। इस बीच, पुलिस ने घटना के 12 आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही गुरुवार को आठ और को गिरफ्तार किया। पुलिस कार्रवाई के भय से राजभर बस्ती से तमाम लोग पलायन कर गए हैं। दर्जनों घरों में चूल्हे तक नहीं जले। गांव में दहशत और तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात है।
सार्वजनिक कुएं पर कब्जे की शिकायत को लेकर बुधवार की रात सारनाथ के खालिसपुर चौराहे पर पुलिस टीम पर जमकर पथराव किया गया था। दो घंटे तक गांव के लोगोें और पुलिस के बीच रुक-रुककर झड़प होती रही। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग और रबर की गोलियां दागनी पड़ीं। घटना में सारनाथ, कैंट और शिवपुर थाना प्रभारी समेत 11 पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे। मामले के अनुसार, सारनाथ थाना क्षेत्र के खालिसपुर चौराहे पर विनोद पाठक की जमीन है। यहीं उनका कटरा है।
विनोद के कटरा के समीप ही एक पुराना सार्वजनिक कुआं है। कुएं से सटी अपनी जमीन में बने मकान पर वे शटर लगवा रहे थे। इस पर आपत्ति जताते हुए राजभर बस्ती के लोगों ने विनोद से बातचीत की। मामला सारनाथ थाने पहुंचा और तय हुआ कि एसडीएम की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश कराकर विवाद का निबटारा करा दिया जाएगा। इसके बाद अचानक शाम के समय शराब के नशे में धुत राजभर बस्ती के 10 से अधिक लोग कुएं के पास पहुंचे और उस पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे।
विनोद ने आपत्ति जताई तो कुछ देर बाद ही विनोद के कटरे पर पथराव शुरू हो गया। सारनाथ पुलिस मौके पर पहुंची तो राजभर बस्ती के लोगों ने पुलिस टीम पर भी पथराव कर दिया। मामले की सूचना एसएसपी को मिलने पर उन्होंने आसपास के अन्य सभी थानों की फोर्स, क्यूआरटी और दंगा नियंत्रण वाहन को मौके पर भेजा। घटना के चलते गुरुवार को राजभर बस्ती के दर्जनों घरों के चूल्हे नहीं जले। हर तरफ सिर्फ घटना की चर्चा छाई रही। स्थिति सामान्य करने के लिए इंस्पेक्टर सारनाथ, एसओ चोलापुर और एसओ चौबेपुर दंगा नियंत्रण वाहन, पीएसी, क्यूआरटी के साथ निरंतर चक्रमण करते रहे।